डबल मर्डर के बाद बवाल
छांयसाथाने के तहत आने वाले घरौड़ा गांव में मंगलवार दिनदहाड़े हथियारबंद बदमाशों ने एक केबल संचालक एक अन्य युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद बदमाश फरार हो गए। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। लेकिन एक घंटे बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, जिससे ग्रामीण आगबबूला हो गए। इसके बाद ग्रामीण नेशनल हाइवे अजरौंदा चौक पर इकट्ठे हो गए और डेडबॉडी सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
इसके बाद छायंसा थाने के एसएचओ, उनके गनमैन सहित करीब 4 पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, इस पर ग्रामीणों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। एसएचओ बाबूलाल पर भी भीड़ ने हमला कर दिया। जान बचाकर भाग रहे एसएचओ पर पथराव भी किया गया। आधे घंटे तक ग्रामीणों ने हाइवे पर खड़े वाहनों पर भी डंडे बरसाए और चालकों से मारपीट की। डर के कारण आधा घंटे तक पुलिस हाइवे पर नहीं आई। जाम और हंगामे की सूचना मिलने के बाद डीसीपी सेंट्रल कई थानों के एसएचओ सहित काफी पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। डीसीपी फूलकुमार ने मृतक के परिजनों से बातचीत कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया।
छहलोगों पर मामला दर्ज
गौरतलबहै कि 22 अगस्त 2013 को कोर्ट परिसर में मृतक केबल संचालक जितेंद्र उर्फ जीते के भाई शशि नागर की भी हत्या बदमाशों ने इसी तरीके से की थी। मृतक केबल संचालक जीते इस मामले में चश्मदीद गवाह था। परिजनों ने मुजेड़ी मांगर गांव के लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। शेषपेज |15
पुलिसने मुजेड़ी गांव के सरपंच राजवीर, उनके दो बेटे अनिल और सुंदर, अल्लीपुर के ब्रह्मजीत एक युवक मांगर एक युवक शाहबाद के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
ताबड़तोड़ बरसाईं गोलियां
बदरौला गांव निवासी जितेंद्र सिंह उर्फ जीते (30) घरौड़ा गांव में केबल नेटवर्क चलाने का काम करता था। सोमवार रात किसी ने उसकी केबल की वायर को काट दिया था। इसकी सूचना मिलने पर जितेंद्र मंगलवार सुबह करीब 10 बजे अपने भाई सतपाल के साथ घरौड़ा पहुंचे। करीब 11 बजे सतपाल एक दुकान की छत पर केबल वॉयर जोड़ने के लिए चढ़ गया। जबकि जितेंद्र बिजली के खंभे पर सीढ़ी लगाकर केबल जोडऩे लगा। जितेंद्र ने सीढ़ी को फिसलने के डर से वहां अंडे की रेहड़ी लगाने वाले घरौड़ा निवासी अमर सिंह के बेटे कल्लू को (20) बुलाकर सीढ़ी पकडऩे के लिए कहा। कल्लू नीचे सीढ़ी पकड़े खड़ा था। बताया जाता है कि करीब सवा 11 बजे वहां 5-6 युवक आए और विवाद करने लगे। इस पर कल्लू ने बीच-बचाव की कोशिश की तो बदमाशों ने उसे गोली मार दी। गोली चलते देख जितेंद्र सिंह सीढ़ी से कूदकर जान बचाने के लिए खेतों की ओर भागा। हमलावरों ने उसका करीब 15 मिनट तक पीछा किया। जितेंद्र जान बचाने के लिए भागता रहा। इसी दौरान बदमाशों ने पीछे से गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस दौरान कई गोलियां जितेंद्र को लगीं। गोलियां चलने की आवाज सुनकर ग्रामीण अपने अपने घरों में घुस गए।
बाइक छीनकर हुए फरार
हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश करीब साढ़े 11 बजे वहां से भागने लगे। इसी दौरान वहां से रायपुर गांव निवासी यशपाल बाइक लेकर गुजर रहा था। बदमाशों ने पिस्टल की बट से यशपाल पर हमला कर उसकी बाइक छीन ली और फरार हो गए। मात्र पौन घंटे में बदमाश बड़े आराम से वारदात को अंजाम देकर निकल गए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद लगभग साढ़े 12 बजे पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची।
बॉर्डर तक जाम
हाइवे पर जाम लगते ही कुछ ही देर में इसका असर बदरपुर बॉर्डर तक पहुंच गया। इधर सीकरी तक ट्रैफिक बाधित हो गया। जाम की सूचना मिलने के बाद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने कई कटों से ट्रैफिक डायवर्ट करना शुरू कर दिया। लेकिन बात नहीं बनी। सड़क पर वाहनों की कई किलोमीटर तक लंबी लाइन लग गई। स्कूल की छुट्टी होने के बाद स्कूल बस जाम में फंस गई। हाइवे पर जाम के कारण शहर की अंदर की सड़कें भी जाम हो गईं। नीलम फ्लाईओवर पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जाम के कारण एनआईटी का पूरा इलाका बाधित हो गया।
मेरी लापरवाही नहीं, फिर क्यों पीटा : मेरी लापरवाही नहीं थी, फिर भी मुझे पीटा गया। मैं तो अपनी टीम के साथ समय पर घटनास्थल पर पहुंच गया था। छांयसा घरौड़ा की दूरी कम नहीं है। मुझ पर ईंट बरसाई गई। थप्पड़ और घूंसे मारे। मैंने भागकर अपनी जान बचाई। यह कहना है छांयसा थाने के एसएचओ बाबूलाल डाटिक का।
जीते की गवाही हो चुकी थी पूरी:
शशि मर्डर के वकील पीएल गोयल का कहना है कि भाई जीते की गवाही पूरी हो चुकी थी। जीते के भाई सत्ते की गवाही अभी आधी हुई है। गोयल के अनुसार इस केस को पूरी मजबूती के साथ लड़ा जा रहा है। इस मर्डर के बाद केस को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
मैंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि आरोपियों को जल्द अरेस्ट कर लिया जाएगा। ग्रामीणों ने मुजेड़ी गांव मांगर के कुछ लोगों के नाम लिखाए हैं। पूरे मामले की जांच उच्चाधिकारी करेंगे। केस में बिल्कुल लापरवाही नहीं होगी।
-फूल कुमार, डीसीपी।
ऐसे बरपा कहर
गोलीलगने के बाद जीते को सर्वोदय अस्पताल में एडमिट कराया गया। यहां इसको मृत घोषित कर दिया। इसकी डैड बॉडी जैसे ही बीके पहुंची ग्रामीण वापस बॉडी को नेशनल हाइवे पर ले आए। यहां फिर ग्रामीण जमा हो गए और जाम लगा दिया। इसी दौरान छायंसा थाने के एसएचओ बाबूलाल डाटिक, इनके गनमैन अन्य पुलिसकर्मी गए। ग्रामीणों ने पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाया। इसके बाद गुस्से से भरे ग्रामीण एसएचओ इनके साथी पुलिसकर्मियों पर टूट पड़े। एसएचओ की वर्दी फट गई। एसएचओ इनकी टीम भागने लगी। ग्रामीणों ने उन पर पत्थर बरसाए। उधर जो भी वाहन सड़क पर दिखाई दिया, ग्रामीणों ने उस पर डंडे बरसाने शुरू कर दिए। चौक पर पुलिस पिकेट में रखी कुर्सियों को भी तोड़ दिया गया। कई वाहन चालकों के साथ मारपीट की गई।
शव को अजरौंदा चौक पर रख प्रदर्शन करते ग्रामीण।
ग्रामीणों द्वारा लगाए गए जाम की वजह से मथुरा रोड पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई।
जाम के दौरान गुस्साए लोगों ने गाड़ियों के शीशे तोड़े।
मृतक के परिजनों गुस्साए ग्रामीणाें ने अजरौंदा चौक पर जाम लगा दिया। इस दौरान लोगों से बातचीत कर उन्हें समझाती पुलिस।