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आंसुओं के साथ शारदा ने कहा, नहीं लड़ूंगी बल्लभगढ़ से चुनाव

7 वर्ष पहले
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बल्लभगढ़सीट पर कांग्रेस की टिकट को लेकर सूची जारी होने से पहले ही घमासान मच गया है। गुरुवार को बल्लभगढ़ की विधायक और मुख्य संसदीय सचिव शारदा राठौर ने कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर पर गंभीर आरोप लगाते हुए बल्लभगढ़ से चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया। उन्होंने सेक्टर-15 स्थित अपने निवास पर पत्रकारवार्ता में अशोक तंवर पर कई गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान राठौर भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक उठे। उन्होंने ने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष जगह-जगह कहते फिर रहे हैं कि वह मेरी टिकट का विरोध करेंगे। एेसा कह वह मुझे ही नहीं परोक्ष रूप से मुख्यमंत्री को भी ललकार रहे हैं। राठौर ने कहा, वह बल्लभगढ़ से चुनाव नहीं लड़ेंगी, लेकिन वह पार्टी में ही रहेंगी। प्रदेशाध्यक्ष को चैलेंज करते हुए राठौर ने कहा कि वह कांग्रेस से किसी को भी बल्लभगढ़ सीट पर टिकट देकर चुनाव लड़ा लें और अपनी पूरी ताकत लगा लें। यदि वह जीत जाएगा तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगी।

प्रदेशाध्यक्षतंवर पार्टी को तोड़ रहे हैं

शारदाराठौर ने प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर पर आरोप लगाया है कि वे पार्टी को तोड़ने का कार्य कर रहे हैं। वे लगातार मेरे खिलाफ बयानबाजी कर अपने पद की गरिमा को गिरा रहे हैं। बकौल, शारदा मैं 25 वर्षों से राजनीति में हूं, मैंने किसी प्रदेशाध्यक्ष को ऐसी अनर्गल और गैरजिम्मेदार बयानबाजी करते नहीं देखा। सीएम भी प्रदेशाध्यक्ष रहे हैं। लेकिन उन्होंने अपने विरोधियों के खिलाफ भी कभी कोई गैरजिम्मेदार बयानबाजी नहीं की।

शेषपेज 15 पर









मानसिकरूप से चोट पहुंचा रहे हैं तंवर

शारदाराठौर ने कहा कि मैंने अपने निष्ठावान कार्यकर्ताओं की नौकरियों में अनदेखी की वजह से कांग्रेस पार्टी को छोडऩे का मन बनाया था। लेकिन रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने मेरा और मेरे कार्यकर्ताओं का सम्मान कायम करने का वादा कर मुझे मेरे फैसले पर पुन: विचार करने के लिए कहा था। उन्होंने बड़प्पन दिखाते हुए मेरे बल्लभगढ़ स्थित कार्यालय आकर कार्यकर्ताओं में जोश भरा और पार्टी को जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने मुझे बल्लभगढ़ से चुनाव लड़ाने और हर संभव मदद देने का वादा किया। इसके बाद मेरी पार्टी से नाराजगी दूर हो गई थी। लेकिन अब तंवर अनावश् यक बातें कर मुझे मानसिक रूप से चोट पहुंच रहे हैं।



पर्दे के पीछे