अग्रसेन जयंती पर झांकियों ने मन मोहा
अग्रवालसंगठन बल्लभगढ़ की ओर से महाराजा अग्रसेन की जयंती के उपलक्ष्य में शोभायात्रा निकाली गई। इसमें झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकियों में जहां महाराजा अग्रसेन अपने सिंहासन पर विराजमान दिखाए गए वहीं बांके बिहारी जी रणेशजी शोभा यात्रा में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। करीब दर्जनभर झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। शोभायात्रा में बैंडबाजे भी आकर्षण का केंद्र रहे।
अग्रवाल संगठन की ओर से महाराजा अग्रसेन जयंती का आयोजन किया गया। शोभा यात्रा का शुभारंभ मोहना रोड से किया गया। शोभा यात्रा अग्रसेन चौक से होते हुए मेन बाजार, अंबेडकर चौक से होते हुए मोहना रोड पंजाबी धर्मशाला पहुंचकर सम्पन्न हुई। यात्रा का शहर में जगह-जगह स्वागत किया गया। झांकियों की लंबी लाइन में सबसे आगे बैंडबाजे की धुन पर धार्मिक गीत गाए जा रहे थे। एक झांकी में शिव शंकर का नृत्य तो एक में राधा-कृष्ण की जोड़ी मनमोहक लग रही थी। खाटू श्याम की मनमोहक झांकी ने सभी को आकर्षित किया। सबसे अंतिम झांकी में महाराजा अग्रसेन रथ पर सवार होकर अपने सिंहासन को सुशोभित कर रहे थे। अंबेडकर चौक के निकट झांकियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। शोभायात्रा का समापन आतिशबाजी के साथ हुआ। इस दौरान मुख्य अतिथि अनिल गोयल, समाजसेवी एवं उद्योगपति नरेंद्र गुप्ता ने ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम में अध्यक्ष पार्षद राजेंद्र अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि सतीश अग्रवाल एनके गर्ग एडवोकेट थे। इस मौके पर संगठन के प्रधान वेदप्रकाश सिंगला, सुनील गोयल, प्रमोद मित्तल, राजीव गोयल, भूपेश गुप्ता राजेंद्र बंसल आदि मौजूद थे।
बल्लभगढ में अग्रसेन जयंती के अवसर पर निकाली गई शोभा यात्रा में सजी झांकी।