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फर्जी एनरॉलमेंट पर शिक्षक संघ शिक्षा विभाग आमने-सामने
स्कूलों में मिड-डे मील के बहिष्कार की दी चेतावनी
भास्करन्यूज . फिरोजपुर झिरका
मेवातजिले में छात्रों के फर्जी एनरॉलमेंट का मामला गरमाता जा रहा है। विश्राम गृह नूंह में अध्यापक संघ के नेताओं ने बैठक कर इस मसले पर आरपार की लड़ाई लड़ने की ठान ली है। इतना ही नहीं उन्होंने साफ कर दिया कि स्कूलों में मिड-डे मील का बहिष्कार किया जाएगा, साथ ही भवन निर्माण के काम से भी अब अध्यापक तौबा कर लेंगे। साथ ही अध्यापकों ने इस मसले पर हस्ताक्षर अभियान शुरू करने की बात कही है। बैठक करने के बाद अध्यापक नेता तैयब हुसैन, नौशाद अली, केहर सिंह, फूल कुमार ने कहा कि अध्यापकों का एनरॉलमेंट मामले में कोई गलत रोल नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार में आदेश मिले थे कि जिले में ड्रॉप आउट बच्चों को स्कूल से जोड़ना है, इसके तहत जिन करीब 27 हजार छात्रों के एनरॉलमेंट को गलत बताया जा रहा है, वे उसी समय के हैं। अध्यापकों ने साफ कर दिया कि दबाव में उन्हें नाम काटने पड़ रहे हैं, लेकिन ये मेवात जिले के 27 हजार बच्चों के भविष्य का सवाल है। अध्यापक नेताओं ने कहा कि मेवात जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारी इसके लिए दोषी हैं। उन्होंने कभी निरीक्षण नहीं किया और मीडिल स्कूलों में स्टाफ की आज तक नियुक्तियां नहीं की। रही-सही कसर अध्यापकों को इधर-उधर के स्कूलों में बदल कर पूरी कर दी। अध्यापकों ने कहा कि अब वे जनगणना, वोट बनाना आदि काम भी नहीं करेंगे। अगर उनके एक भी साथी पर प्रशासन ने कार्रवाई की, तो स्कूलों में ताला जड़ने की नौबत भी सकती है। प्रशासन पहले उन्हें दोषी करार दे, उसके बाद ही कार्रवाई की बात करे। मेवात जिले में सर्वे के बाद 27 हजार बच्चों के फर्जी एनरॉलमेंट की बात कही जा रही है, उसमें अब शिक्षा विभाग तथा अध्यापक आमने सामने हो गए हैं।