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- {एडमिशन के बावजूद अन्य स्कूलों में पढ़ने को मजबूर हैं छात्र
{एडमिशन के बावजूद अन्य स्कूलों में पढ़ने को मजबूर हैं छात्र
{एडमिशन के बावजूद अन्य स्कूलों में पढ़ने को मजबूर हैं छात्र
भास्करन्यूज | पुन्हाना
प्रदेशसरकार भले मेवात में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन सरकार के सभी प्रयास मेवात में विफल साबित हो रहे हैं। करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद बच्चों को पढ़ने के लिए भवन तक नसीब नहीं है। विभाग की अनदेखी के कारण मेवात में बन रहे आरोही स्कूलों का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इसके चलते बच्चों को एडमिशन के बावजूद दूसरों स्कूलों में पढ़ना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि मेवात को पिछड़ा जिला मानते हुए सरकार की तरफ से जिले के ब्लॉक स्तर पर आरोही स्कीम के तहत सीनियर सेकंडरी स्कूल बनाए जा रहे हैं। पुन्हाना ब्लॉक के गांव मुंढैता में भी आरोही स्कूल का निर्माण कार्य चल रहा है। स्कूल का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। स्कूल का कार्य ठेकेदार को एक साल में पूरा करना था, जबकि दो वर्ष बीतने पर भी काम अधूरा है।
इतना ही नहीं स्कूलों में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से अब तक 100 से भी अधिक बच्चों का एडमिशन भी किया जा चुका है। लेकिन भवन के अभाव में बच्चों को मुंढैता गांव के ही प्राइमरी स्कूल में शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है। बच्चों के लिए पर्याप्त शिक्षकों का अभाव है। स्कूल में दो ही शिक्षक हैं। शिक्षा के महत्व को समझते हुए बच्चों ने आरोही स्कूलों में दाखिला तो ले लिया, लेकिन विभाग अब भी भवन का निर्माण पूरा करने का दावा कर रहा है, जबकि स्कूल की अन्य सुविधाएं रामभरोसे हैं।
क्याकहते हैं शिक्षा अधिकारी : इससंबंध में पुन्हाना खंड शिक्षा अधिकारी अब्बुल हसन का कहना है कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। इस बारे में जानकारी लेकर उच्चाधिकारियों को बताया जाएगा। स्कूल भवन को जल्द से जल्द पूरा कराने की मांग की जाएगी, ताकि बच्चों को परेशानी हो।