पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • पशु तस्करों के खिलाफ रातभर जाम

पशु तस्करों के खिलाफ रातभर जाम

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
छह पशुओं को कराया मुक्त

शुक्रवार-शनिवारकी रात्रि को फर्रुखनगर के नजदीक झज्जर जिले के गांव याकूबपुर, इस्माइलपुर, निमाना आदि गांवों में करीब एक दर्जन पशुओं के शीश, पैर, पूंछ, अंतड़ियां आदि अवशेष मिलने के कारण क्षेत्र में भारी हंगामा हो गया। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस प्रशासन गौ तस्करों की सांठगांठ के कारण जहां पशुधन की चोरी की वारदात बढ़ रही हैं। वहीं गौ तस्कर बेखौफ होकर सरेआम पशुओं की निर्मम हत्या करके गांवों खेतों में डाल जाते हैं। जिससे लोगों की आस्था को भारी ठेस पहुंच रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन के ढुलमुल रवैये पशु तस्करों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शनिवार को सुबह 11 बजे जाम लगा दिया था। जिसके चलते फर्रुखनगर, गुडगांव, पटौदी से जिला झज्जर, भिवानी, चरखीदादरी, अंबाला, हिसार, रोहतक आदि जिलों में जाने वाले वाहन जाम में फंस गए।

ग्रामीणों द्वारा यातायात रोके जाने को लेकर पुलिस प्रशासन ने जिला झज्जर पुलिस जिला प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को कोई महत्व नहीं दिया तो ग्रामीणों ने एक दूसरे गांवों से संपर्क साधकर फर्रुखनगर, सुल्तानपुर, बिरहेडा मोड, खेडाखुर्मपुर, बुढेडा, वजीरपुर, मुबारिकपुर, कालियावास, मुंडाखेडा आदि गांवों के लोगों ने भी यातायात जाम कर दिया बल्कि पशुओं के अवशेष सड़क पर रखकर अखंड ज्योति प्रज्जवलित करके सैकडों की संख्या में गौभक्त ने गौ माता की जयकारे लगाने के बाद शांति पूर्वक धरने पर बैठ गए। शनिवार 11 बजे से लगातार रविवार देर सांय तक प्रदर्शनकारी धरने पर अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। रात्रि के समय वाहनों को निकालने जाम खोलने की पुलिस की फरियाद को ठुकरा दिया गया और अपने फैसले पर अडिग रहे।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह हरियाणा विधानसभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे तथा प्रशासन के खिलाफ चौबीसी की पंचायत करके आगे की कार्यवाही पर निर्णय लिया जाएगा।

भूखेपेट रात गुजारने पड़ी रात

रात्रिको जाम में फंसे वाहन चालकों को सड़क वाहनों के अंदर सोकर भूखे पेट रात गुजारनी पड़ी। वहीं सवारियों ने भी अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए प्रदर्शनकारियों से काफी मिन्नतें की, लेकिन उनका मन नहीं पसीजा। यात्री पैदल या अन्य रूटों से अपने घर की ओर निकल पड़े। गांव खेडा खुर्मपुर में एक प्राइवेट बस को उस समय ग्रामीणों के गुस्से का शिकार होना पड़ा जब ग्रामीणों