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यमुना रक्षक दल सरकार पर बरसा 11 मार्च से फिर पैदल यात्रा

7 वर्ष पहले
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यमुनारक्षक दल ने एक बार फिर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए घोषणा की है कि 11 मार्च से मथुरा से दिल्ली तक विशाल पैदल यात्रा निकाल कर प्रदूषित यमुना नदी को साफ करने की मांग की जाएगी। जाट धर्मशाला में मंगलवार को यहां प्रबुद्धजनों की बैठक को संबोधित करते हुए दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने कहा कि यमुना पूरी तरह प्रदूषित हो चुकी है।

एक समय था जब यमुना नदी में स्नान करने से रोगी भी निरोगी हो जाया करते थे, मगर आज उद्योगों से निकलने वाले कैमिकल और नालों की गंदगी के कारण यमुना नदी इतनी गंदी हो चुकी है कि इसमें घुसने मात्र से शरीर को बीमारियां घेर लेती हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि यमुना को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए अपना तन-मन न्यौछावर कर दें। यमुना को माता की संज्ञा दी गई है। माता की सेवा करनी है और अपने बच्चों को स्वस्थ बनाना है तो यमुना को साफ कराना होगा। उन्होंने कहा, 11 मार्च से 10 दिन की पैदल यात्रा में 15 किलोमीटर की दूरी पर कई पड़ाव होंगे।

पैदल यात्रा में हजारों की तादाद में लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यमुना नदी अब कछुए, मछली, सांप तक नहीं रहते। मनुष्य जीव जंतुओं के लिए यमुना का पानी घातक बन गया है। इसके सेवन से कैंसर, पीलिया, दिल के रोग, गुर्दा रोग, लीवर, बदहजमी, चर्म रोग, ब्लड प्रेशर आदि के रोग बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा, स्वस्थ जीवन के लिए शुद्ध वायु, शुद्ध पानी शुद्ध भोजन होना चाहिए। मगर बदकिस्मती से तीनों ही आवश्यकताएं पूरी नहीं हो रही हैं। उन्होंने इसके लिए समाज को भी दोषी करार देते हुए कहा कि अपने हक के लिए हमने संघर्ष करना बंद कर दिया है। उन्होंने चेताया कि जिस दिन हम एकजुट होकर बैठ जाएंगे उस दिन सरकार हमारे बीच आएगी।