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चुनाव बहिष्कार के लिए धरने पर डटे लोग बोले- नेताओं को नहीं घुसने देंगे
आदमपुरहलके के बुडाक के ग्रामीणों की ओर से चुनाव बहिष्कार का ऐलान के बाद रविवार को प्रशासनिक अमला ग्रामीणों को मनाने के लिए पहुंचा। एसडीएम अशोक कुमार, नहर विभाग के एक्सईएन यशपाल तंवर, एसडीओ रविंद्र गौड़, नायब तहसीलदार राधेश्याम, स्वास्थ्य विभाग के एसडीएम बलवंत पूनिया बीडीओ सुरेश रविश ने ग्रामीणों को हर समस्या का समाधान का करने का आश्वासन दिया, मगर ग्रामीण अपनी बात पर अडिग रहे। इसके बाद अधिकारी बैरंग लौट गए।
गांव में मूलभूत सुविधाओं की कमी पर गुस्साए ग्रामीणों ने शनिवार को पंचायत में चुनाव बहिष्कार का ऐलान करने के बाद रविवार को मुख्य चौराहों पर धरना शुरू कर दिया। गांव के चारों ओर काले झंडे और चुनाव प्रत्याशियों के गांव में घुसने देने के चेतावनी बैनर भी लगा दिए। गांव में करीब ढाई हजार मतदाता हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस बार विधानसभा चुनाव में तो मतदान करेंगे और ही किसी प्रत्याशी को चुनाव प्रचार के लिए गांव में घुसने देंगे।ग्रामीण दीपचंद शर्मा, निहाल सिंह, जयलाल, वीरेंद्र पूनिया, मांगे राम, जंगीर सिंह, दीपक बेनीवाल, विक्रम श्योराण, मनोज पंच, मनोज कुमार, दयाल आदि ने बताया कि गांव में पानी की समस्या करीब 17 वर्ष पुरानी है और वे इसके समाधान के लिए विभाग के आला अधिकारियों के चक्कर काटते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व अधिकारियों को उनके गांव की समस्याओं पर की याद क्यों नहीं आई जो आज हमारे सामने जल्द समस्या के समाधान की बात कहकर धरने से उठने की बात कर रहे हैं।
चुनाव का बहिष्कार का ऐलान कर रविवार सुबह धरने पर बैठे ग्रामीण।
मुगलपुरा के ग्रामीणों ने भी चुनाव के बहिष्कार की धमकी दी
उकलाना| मुगलपुरामें के कई परिवारों ने प्रशासन को धमकी दी है कि यदि गांव की गलियों में पड़ा अवैध मलबा नहीं हटवाया तो वे 15 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव में वोट नहीं डालेंगे और चुनावों का पूर्णतया बहिष्कार करेंगे। गौरतलब है कि 28 जुलाई को प्रशासन ने गांव में बने अवैध कब्जों को पुलिस की सहायता से गिरा दिया था, लेकिन इसका मलबा आज भी नहीं हटया गया है इससे ग्रामीणों का आवागमन बंद हो गया है। ग्रामीण कृष्ण कुमार, मांगेराम सत्यवान ने बताया कि उन्होंने गलियों से अवैध मलबा उठवाने के लिए बीडीपीओ, डीडीपीओ, एसडीएम उपायुक्त को भी शिकायत भेज दी थी लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।