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पढ़ने और सीखने की नहीं होती कोई उम्र : सिंहमार
मंडी आदमपुर | मनुष्यजीवन में पढ़ने सीखने की कोई उम्र नहीं होती। यदि मनुष्य में लगन हो तो वह किसी भी उम्र में अपने लक्ष्य को पा सकता है। शिक्षा से बढ़कर महिलाओं का कोई और गहना नहीं है। महिलाओं को साक्षर होना इस देश की तरक्की के लिए बेहद आवश्यक है। बेटियां को पढ़ाना आज के समय में बेहद आवश्यक है। एक बेटी को साक्षर करने का मतलब है कि हम तीन घरों को साक्षर कर रहें है। यह बात रविवार को ढाणी मोहब्बतपुर की राजकीय प्राथमिक पाठशाला में प्रौढ़ शिक्षा को लेकर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए इच वन-टीच वन संस्था के कॉर्डिनेटर प्यारेलाल सिंहमार ने कही। मुहिम के कॉर्डिनेटर कुलदीप चावलिया ने बताया कि रविवार को 50 महिलाओं ने अपना नाम इस मुहिम में दर्ज करवाया है। इस दौरान नेहरू युवा केंद्र द्वारा व्यवसायिक प्रशिक्षण के संचालित ब्यूटी ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण लेनी वाली प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र बांटे गए। इस मौके पर रेशमा, चमेली, बिमला देवी, मैना, केसर देवी, अंगूरी, चांदो, हेमा, युवा क्लब की अध्यक्ष संतोष वर्मा, ज्ञानीराम, पवन वर्मा, मुकेश कुमार, सुभाष मास्टर, भूपसिंह आदि मौजूद रहे।