पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • गिरता लिंगानुपात सामाजिक संतुलन के लिए खतरा

गिरता लिंगानुपात सामाजिक संतुलन के लिए खतरा

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मंडी अटेली|अखिल भारतीयसाहित्य परिषद् के तत्वावधान में रविवार को बेटी बचाओ विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें क्षेत्र के अनेक बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक संस्थाओं से जुड़े प्रमुख लोगों ने भाग लिया। विचार गोष्ठी की अध्यक्षता ओमप्रकाश गुप्ता ने की। कार्यक्रम में डाॅ. जितेन्द्र भारद्वाज ने बतौर मुख्य वक्ता अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान में लड़का-लड़की के लिंगानुपात में आई भारी गिरावट सामाजिक संतुलन के लिए खतरा है। यदि समय रहते इस पर गंभीरता पूर्वक विचार नहीं किया गया तो हमें इसके दूरगामी परिणाम भुगतने पड़ेंगे। शिक्षा शास्त्री नेमीचंद शर्मा पूर्व मुख्याध्यापक सुंदरलाल ने भारतीय संस्कृति में बेटी को सुख समृद्धि मंगल का प्रतीक बताते हुए कहा कि बेटी ही परिवार की धुरी होती है, जिस पर परिवार की उन्नति अवनति का तानाबाना बुना जाता है।

बेटियोंके बिना समाज की कल्पना भी नहीं : मुख्याध्यापककृष्ण कुमार यादव तमन्ना युवा मंडल के प्रधान सुनिल कुमार शिक्षाविद् डाॅ. संजय ने बेटियों की घटती हुई संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बेटियों के बिना सामाजिक भविष्य की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा चलता रहा तो आने वाले समय में हम घर में बहू की कल्पना भी नहीं कर पाएंगे। इस अवसर पर मनोज कुमार शास्त्री, विजयपाल रोहिल्ला, सुरेखा शर्मा, सुरेन्द्र कुमार शर्मा, अनुप सिंह यादव, आनंद शर्मा सहित अनेक बुद्धिजीवियों ने बेटी बचाओं विषय पर अपनी विचाराभिव्यक्ति की।