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लाइसेंस के लिए शैक्षणिक योग्यता की शर्त पर बीज विक्रेताओं ने जताया विरोध
केंद्रसरकार द्वारा कीटनाशक एवं उर्वरक विक्रेता लाइसेंस के लिए शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य करने की शर्त के विरोध में जिले के दुकानदारों ने मंगलवार को दुकानें बंद रख रोष जताया। दुकानदारों ने प्रदर्शन कर कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन लघु सचिवालय में उपायुक्त को सौंपकर इस शर्त को वापस लेने का आग्रह किया। उपायुक्त अतुल कुमार ने कीटनाशक विक्रेताओं की बात सुनने के बाद उन्हें उनकी बात कृषि मंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन सौंपने से पूर्व जिले भर के कीटनाशक उर्वरक विक्रेता सुबह 11 बजे महेंद्रगढ़ रोड स्थित पंचायत भवन में एकत्रित हुए। महेंद्रगढ़ के उर्वरक एवं कीटनाशक विक्रेता एसोसिएशन के प्रधान रमेशचंद मित्तल ने कहा कि केंद्र सरकार ने कीटनाशक की बिक्री के लिए 5 नवंबर 2015 उर्वरक की बिक्री करने के लिए 10 अक्टूबर 2015 को सभी पुराने नए दुकानदारों के लिए शैक्षणिक योग्यता संबंधी अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना के तहत पुराने दुकानदार को अधिसूचना जारी होने के 2 साल के अंदर बीएससी स्नातक की योग्यता सिद्ध करनी है। जो नामुमकिन है। केंद्र सरकार ने ऐसा कर उर्वरक कीटनाशक विक्रेताओं के साथ सरासर अन्याय किया है।
जिले के उर्वरक कीटनाशक विक्रेताओं ने आज हड़ताल कर सरकार से इस शर्त को वापस लेने की मांग की है। यदि केंद्र सरकार ने उनकी इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर इस शर्त को वापस नहीं लिया तो कीटनाशक एवं उर्वरक विक्रेता सरकार को संघर्ष का रास्ता अपनाना होगा। मीटिंग के बाद सभी दुकानदार जुलूस के रूप में पंचायत भवन से चलकर लघु सचिवालय पहुंचे। जहां कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन उपायुक्त को सौंप कर शैक्षणिक योग्यता की शर्त पूरी करने में आने वाली दिक्कतों से अवगत करवा इस शर्त वापस लेने का आग्रह किया।
ये रहे उपस्थित
इसअवसर पर आलोक गोयल कनीना, बनवारीलाल लखीराम गोद बलाहा, संदीप नारनौल, दलीप नारनौल, शरद जोशी, हरिसिंह विनोद सैनी नारनौल, राजेश कुमार, उमाशंकर जोशी, कुलदीप सिंह, राकेश अटेली, जशपाल, सुरेंद्र, रामपाल, अशोक सैनी, कैलाशचंद, नानुराम, राजेश कुमार, साहिल, रामस्वरूप, श्यामलाल, विपिन कुमार, प्रवीण सैनी, रोहताश, मनोज कुमार, मुकेश कुमार, हुकमचंद, मदन सिंह, नत्थूराम, परताराम, श्योनारायण, नरसिंह विष्णु कुमार समेत जिले भर से आए सैकड़ों कीटनाशक, बीज एवं उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहे।
दुकानदारों ने बताई समस्या
दुकानदारोंने ज्ञापन में बताया कि अधिकांश व्यापारी उम्र, स्थान कुछ अन्य कारणों से 4 साल की नियमित पाठ्यक्रम की पढ़ाई को पढ़ सकने की स्थिति में नहीं हैं। डिग्रीधारकों व्यापार का दायरा सीमित होने के कारण पात्र व्यक्ति को सहकर्मी के रुप में रख पानी संभव नहीं है। क्योंकि इस कारण दुकान पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। हरियाणा में उर्वरक कीटनाशक बिक्री का काम करने वाले डेढ़ लाख दुकानदार हैं। लाइसेंस में शैक्षणिक योग्यता की शर्त लागू होने से इतने बड़े वर्ग का अहित होगा। पूर्व में जब मेडिकल के क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा की व्यवस्था लागू की गई थी, तब पुराने व्यापारियों को नियमित रखा गया था। इस पात्रता के स्थान पर पुराने व्यापारियों को कृषि विकास केंद्र या मंडी स्तर पर कृषि विभाग द्वारा ट्रेनिंग की व्यवस्था लागू की जा सकती है। इससे सरकार का मंतव्य भी पूरा होगा और उन पर बेरोजगारी की तलवार भी नहीं लटकेगी।
नांगल चौधरी |खाद्यान एसोसिएशन के प्रधान प्रहलाद पहलवान की अध्यक्षता में मंगलवार को खाद-बीज विक्रेताओं की बैठक हुई। जिसमें सरकार द्वारा व्यापारियों के निर्धारित शैक्षणिक मापदंडों की निंदा की गई। उन्होंने कहा कि नांगल चौधरी खंड के ग्रामीणों की आजीविका पूर्ण रूप से खेतीबाड़ी पर निर्भर है। लेकिन विभाग द्वारा क्षेत्र में एक भी खाद-बीज बिक्री केंद्र नहीं खोला गया। पिछले करीब 50 साल से व्यापारी ही किसानों को विभिन्न सुविधा मुहैया करवा रहे हैं। अब सरकार ने विक्रेताओं के शैक्षणिक मापदंड निर्धारित कर दिए। जिसके मुताबिक कृषि संकाय से बीएससी उर्त्तीण व्यक्ति ही खाद-बीज की दुकान खोल सकेगा। खाद-बीज के व्यवसाय से जुड़े दुकानदारों को लंबा अनुभव होने के कारण फसल संबंधित बीमारी एवं उपचार की पूर्ण जानकारी है। सरकार के नवीनतम आदेशों से सैकड़ों व्यापारी बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक आदेशों पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई तो व्यापारी आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इस मौके पर मोतीलाल सेठ, हरिराम बंसल, रविंद्र शर्मा, बिक्रम सिंह, जितेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।
नारनौल. मांगोंको लेकर जिला उपायुक्त से मिले बीज खाद विक्रेता।