पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • 8 हिस्सों में बंटा काम निर्माण में आएगी तेजी

8 हिस्सों में बंटा काम निर्माण में आएगी तेजी

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रेवाड़ी-फुलेरारेल मार्ग के साथ-साथ बन रहे पश्चिमी डेडिकेटेड रेलफ्रेट कॉरिडोर के निर्माण कार्य में अब तेजी आएगी। इसके लिए 626 किलोमीटर के इस प्रोजेक्ट को 75-75 किलोमीटर के 8 हिस्सों में बांटा गया है। पहले 150-150 किलोमीटर के चार हिस्सों में काम चल रहा था।

कॉरिडोर के लिए नई लाइन बिछाने के लिए अप्रैल 2013 से कार्य प्रारंभ हुआ था। प्रोजेक्ट को अमली जाम पहनाने के लिए प्रतिष्ठित लार्सन एंड टुब्रो कंपनी काम कर रही है। गांव अटेली-बेगपुर में अस्थाई प्लांट बनाया हुआ है। इसमें बेसमेंट का मटीरियल सप्लाई करने के साथ साथ तैयार भी किया जाता है तथा यहीं से वर्क मैनेजमेंट होता है। वहीं भगेगा के समीप स्लीपर पुल आदि का प्लांट लगाया हुआ है। इसके अलावा पटरियों से संबंधित सामान के लिए एलसी 32 33 के बीच प्लांट कार्यरत है।

अटेली-बेगपुर प्लांट में नए प्रोजेक्ट प्रबंधक आनंद राव ने कार्यभार संभाल लिया है। उनका कहना है कि कॉरिडोर के लिए अर्थ वर्क करीब-करीब पूरा हो गया है। बेस तैयार करने के जीएसबी कंक्रीट की तीन लेयर डाली जा रही हैं। सभी लेयर 200-200 एमएम की हैं। इसके बाद 40 से 60 एमएम की रोड़ियां डाली जाएंगी। इसके बाद स्लीपर बिछाएं जाएंगे। डाबला से रेवाड़ी तक 140 छोटे-बड़े पुल बन चुके हैं। कुछ का काम अंतिम चरण में है। मावंडा राजस्थान की तरफ से पटरी बैठाने का कार्य शुरू हो चुका है। अगले दो-तीन माह में इधर से भी यह काम शुरू हो जाएगा। पहले प्रोजेक्ट के हिस्से बड़े होने के कारण मटीरियल पहुंचने सहित मॉनिटरिंग आदि के कार्य में परेशानी होती थी। अब काम तेजी से हो सकेगा।

पूरा हो गया है अर्थ वर्क

^काममें तेजी लाने के लिए प्रोजेक्ट को रेवाड़ी से डाबला डाबला से रींगस तक दो हिस्सों में बांट दिया है। 31 अगस्त 2017 को इसे डब्ल्यूडीएफसीसी को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। -आनंद राव, प्रोजेक्ट प्रबंधक, अटेली-बेगपुर प्लांट।

अटेली क्षेत्र में मिलेगा रोजगार

रेलमार्ग के साथ काठूवास के पास कंटेनर डिपो बन चुका है। वहीं अटेली के समीप भी एक ओवरलोडिंग डिपो बनना प्रस्तावित है। इससे अटेली क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ने के साथ विकास के नए आयाम स्थापित होंगे।

कॉरिडोर बनने से आयात-निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

कॉरिडोरके बन जाने से देश की दिल्ली से गुजरात का कांडला बंदरगाह सीधा जुड़ जाएगा। दिल्ली से कांडला बंदरगाह के लिए यह सबसे छोटा सुगम रास्ता है। इस ट्रैक पर माल गाड़ियां ही चलेंगी। ट्रैक पर ब्रॉडगेज की दो डबल लाइन डाली जाएंगी। एक आने के लिए तो दूसरी जाने के लिए होगी। इससे माल का आवागमन तेजी से होगा विदेश से कांडला बंदरगाह पर आने वाला माल तेजी से गंतव्य तक पहुंचेगा।

मंडी अटेली. पश्चिमडेडिकेटेड फ्रंट कॉरिडोर के लिए अटेली प्लाट में चल रहा कार्य

खबरें और भी हैं...