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खाद की कमी झेल रहे किसान : बड़वा

7 वर्ष पहले
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लोहारू | भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को बैठक की जिसमें किसान नेताओं ने यूरिया की कालाबाजारी रोकने तथा किसानों को जल्द से जल्द खाद मुहैया कराने को लेकर एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। शुक्रवार को किसान यूनियन के नेताओं की बैठक खंड प्रधान धर्मपाल बारवास की अध्यक्षता में हुई। इसमें किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मेवासिंह आर्य ने कहा कि गांवों में किसानों को फिलहाल यूरिया की भारी जरूरत है तथा गांवों में निजी और सरकारी एंजेसियों में खाद बहुत कम पहुंच रही है। खाद को लेकर प्रशासन को जाम लगाकर किसानों ने अपना गुस्सा दिखाया था। इसके बावजूद कोई खास सुधार नहीं हो रहा।
किसानों की गेहूं की फसलों में कोर के पानी का समय निकला जा रहा है तथा उनको सबसे जरूरी पोषक तत्व फास्फोरस के लिए यूरिया नहीं मिल रही। किसान नेताओं का कहना था कि यदि प्रशासन द्वारा खाद की कालाबाजारी को बंद करा दिया जाए तथा बार्डर पार राजस्थान में यदि यूरिया नहीं भेजी जाए तो किसानों को खाद सही समय पर मिल सकती है।

खाद की कमी झेल रहे किसान : बड़वा
बहल। जिलेके किसानों को पहले डीएपी फिर गेहूं के बीज और अब खाद की कमी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि खुले बाजार में इन तीनों ही चीजों का ब्लैक हो रहा है। इससे लग रहा है कि भाजपा सरकार किसान हितैषी होकर पूंजीपतियों की सरकार है। यह बात लोहारू के विधायक ओमप्रकाश बड़वा ने कही। वे शुक्रवार को बहल क्षेत्र के गांव नकीपुर, सिरसी और शेरला आदि गांवों में धन्यवादी दौरे के दौरान लोगों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश और देश में यह वायदा कर सत्ता में आई थी कि देश के किसानों के हित में कई योजनाएं लागू की जाएंगी। मगर जब से यह सरकार सत्ता में आई है तब से किसानों के सामने मुश्किलें ही मुश्किलें पैदा हो रही हैं। बड़वा ने कहा कि अगर यही हाल रहा तो पूरे देश में पूंजीपति लोगों का ही किसानों पर हक रहेगा।
अब इस वर्ग के लोग किसानों को खाद बीज बेचने में शोषण कर रहे हैं तो बाद में वे उनकी फसलों को खरीदने में भी यही काम करेंगे। मगर इनेलो किसानों के साथ हो रहे इस अन्याय को सहन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि इनेलो को इसके लिए किसी तरह का आंदोलन करना पड़ा तो उसमें किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी।
यूरिया की कालाबाजारी पर तुरंत लगे रोक
बहल। अखिल भारतीय किसान सभा ने मांगों को शुक्रवार को अनाजमंडी में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इसमें आसपास के गांवों से कई किसानों ने भाग लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारी किसानों सभा के पदाधिकारियों ने सरकार के खिलाफ कस्बे में रैली निकालकर नारेबाजी की और बस स्टैंड पर कृषि मंत्री का पुतला फूंका।
किसान सभा ने मांगें पूरी होने पर डीसी कार्यालय के सामने 16 दिसम्बर को प्रदर्शन करने का ऐलान किया। धरने को प्रदेश सचिव दयानंद पूनिया ने संबोधित करते हुए कहा कि चुनावों से पहले भाजपा नेताओं ने किसानों को ही नहीं आम लोगों को लोक लुभावने वादे देकर ठगा है। किसानों की बहुप्रतीक्षित मांग स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का वादा किया था। आज केन्द्र सरकार को बने छह महीने से ज्यादा हो गया, लेकिन सरकार ने इस आयोग की रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
किसान इसको सहन नहीं करेंगे और जब तक स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं होती है किसान आंदोलनरत रहेंगे। अखिल भारतीय किसान सभा ने अपनी विभिन्न मांगों का मांगपत्र डीसी के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। उन्होंने मांग कि की कस्बे में सरकारी खाद, बीज कीटनाशक दवाइयों की दुकान खोली जाएं, आवारा पशुओं का समाधान किया जाए, पशुओं की खरीद बिक्री आदि के मेलों का प्रबंध किया जाए।
(बहल। अनाजमंडी में अखिल भारतीय किसान सभा के धरने को संबोधित करते सभा के प्रदेश सचिव दयानंद पूनिया।)