कुड़ल में डिग्री कॉलेज की मांग को 47 पंचायतों का समर्थन
कुड़लमें डिग्री कॉलेज की मांग का बिगुल बज चुका है। इस मांग को लेकर हर दिन समर्थन बढ़ता जा रहा है। अब तक कुड़ल में डिग्री कॉलेज की मांग के समर्थन में क्षेत्र की 47 पंचायत, 22 पंचायत समिति सदस्य चार जिला पार्षद प्रतिनिधि सामने चुके हैं। ये सभी गुरुवार को बहल में होने वाली सीएम मनोहर लाल खट्टर की रैली में इस मांग को उनके सामने रखेंगे।
गौरतलब है कि कुड़ल के आस पास के क्षेत्र में यह गांव पंचायती भूमि और आबादी के अनुसार सबसे बड़ा है। यह गांव लोहारू-भिवानी और बहल बाढड़ा के केंद्र में स्थित है। गांव कुड़ल आस पास के तीन दर्जन गांवों के हजारों बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए लोहारू भिवानी, बहल या बाढड़ा जाना पड़ता है। इसके लिए बच्चों को बसों में लटककर यात्रा करनी पड़ रही है।
हरसाल करते हैं लगभग 15 सौ बच्चे आवेदन
इनतीन दर्जन गांवों में सरकारी गैर सरकारी लगभग 15 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में हर साल 1500 से दो हजार बच्चे 12वीं कक्षा की पढ़ाई करते हैं। इन्हें डिग्री की पढाई के लिए लोहारू भिवानी, बहल या बाढड़ा का रूख करना पड़ता है। ऐसे में अगर क्षेत्र में ही एक डिग्री कॉलेज का निमार्ण हो जाए तो हर साल हजारों बच्चों को बसों में धक्का मुक्की का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही डिग्री कॉलेजों में सीटों की संख्या कम होने के कारण हर साल क्षेत्र के सैकड़ों बच्चे पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं।
गांव कुड़ल में पंचायत की 900 एकड़ भूमि है। इसका अधिकतर भाग राष्ट्रीय राजमार्ग 709 को टच करता है। ऐसे में गांव कुड़ल की पंचायत गांव आस पास के दर्जनों गांवों के बच्चों के भविष्य को देखते हुए सरकार को कॉलेज के लिए पंचायती जमीन देने को तैयार है।
अभी बच्चों की पढ़ाई कम होती है और यात्रा अधिक
क्षेत्रकी पंचायतें अपने बच्चों के भविष्य को संवारने और उच्चतर शिक्षा के लिए बसों की परेशानियों से बचाने के लिए कुड़ल में डिग्री कॉलेज की मांग के समर्थन में जुड़ चुके हैं। लोगों का मानना है कि क्षेत्र से कॉलेजों की दूरी अधिक होने से पढ़ने वाले बच्चों को पढ़ाई पर कम और यात्रा पर अधिक समय मेहनत करनी पड़ती है। इन्हीं परेशानियों से निजात पाने के लिए कुड़ल में डिग्री कॉलेज की मांग के समर्थन में लोहारू, बहल, कैरू बाढड़ा सहित चारों खंडों की 47 पंचायत, 22 पंचायत समिति सदस्य चार जिला पार्षद प्रतिनिधि सामने चुके हैं। यह मांग पत्र गुरुवार को सीएम के सामने रखा जाएगा।