चैहड़कलां में चंदे से खोली गोशाला
{गोशाला को चला रही है 21 सदस्यों की कमेटी
भास्करन्यूज | बहल
चैहड़कलांके लोगों ने गांव की सीमा में घूम रहे बेसहारा पशुओं को सहारा देते हुए उन्हें पालने का जिम्मा उठाया है। इस दिशा में काम करते हुए ग्रामीणों ने रविवार तक 150 बेसहारा पशुओं को एकत्र कर लिया है। इस गोशाला को बनाने में गांव के लोगों ने अपनी हैसियत के अनुसार चंदा दिया है।
ग्रामीणों ने सरकारी मदद मिलने तक गांव के अनुदान पर यह गोशाला चलाने के लिए 21 सदस्य कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी ने अस्थायी गौशाला की देखरेख का संकल्प लिया है। फिलहाल ग्रामीणों ने गौवंश के लिए पीने के पानी, चारा तथा टीन शेड का निर्माण किया और इनकी परवरिश ठीक हो इसके लिए दो वैतनिक लोगों की व्यवस्था की है। इस गौशाला को स्थायी रूप दिया जा सके और सरकारी मदद हासिल करने के लिए 21 सदस्य समिति का गठन किया है। कमेटी का जिम्मा रामकरण की प|ी संतोष को सौंपा गया है। इसके अलावा उनके सहयोग के लिए सरपंच डॉ. सतपाल सिंह, सेठ दयानंद, विजेंद्र सिंह, मास्टर अमरचंद शर्मा, सुरेंद्र सिंह, गोपीराम, छाजुराम, कैलाश कुमार, रामबीर, मुन्ना कादयान, मांगेराम, दलीप सिंह, रामकिशन, विनोद जेई, ईश्वर सिंह, सुनील आदि शामिल हैं।
चैहड़कलां में बनाई अस्थायी गौशाला में गायों की सेवा करते ग्रामीण।