बहल। बीआरसीएमइंजीनियरिंग काॅलेज में सोमवार को 47 वें अभियंता दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसका शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान मुख्यातिथि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र के डीन एकेडेमिक डाॅ. बलदेव सेतिया थे।
उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि वैश्विक स्तर पर भारतीय अभियंताओं को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए गुणवत्तापरक शिक्षा की जरूरत है। स्नातक स्तर की शिक्षा को विश्व भर में बड़ी सराहना मिलती है। मगर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक प्रयास करने की जरूरत है।
डाॅ. सेतिया ने युवा अभियंताओं से कहा कि वे किताबी ज्ञान से ऊपर उठकर व्यवहारिक शिक्षा को महत्व दें। संस्थान के निदेशक डाॅ. एसके सिन्हा ने मुख्यातिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित करते हुए भावी अभियंताओं को तकनीकी क्षेत्र के अलावा राष्ट्र की प्रगति के क्षेत्र में शोध कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा।
कार्यक्रम के अध्यक्ष प्राचार्य डॉ. बीसी शर्मा ने मुख्यातिथि का संक्षिप्त जीवन परिचय दिया। शर्मा ने कहा कि युवा इंजीनियर डाॅ. विश्वेश्वरैया से सीख लेते हुए उनके आदर्शों की पालना करें। कार्यक्रम समन्वयक डाॅ. अरविंद शर्मा ने कार्यक्रम की रूप रेखा से अवगत कराने के बाद कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में सड़कों के जाल से लेकर अंतरिक्ष में अपार संभावनाएं तलाशने तक अभियंताओं के प्रयास सफल रहे हैं।
इस दौरान अतिथियों ने काॅलेज के छात्रों द्वारा प्रदर्शित माडॅलों का अवलोकन करते हुए उनके बारे में जानकारी हासिल की। छात्रों ने बांध, फ्लाई ओवर, भारतीय रेल, निर्मल गंगा, पन बिजली सयंत्र, अल्कोहल डिटेक्टर, कार पार्किंग आदि कई माॅडल प्रदर्शित किए।
इस दौरान कॉलेज की दिवंगत छात्रा योगिता खरब मेमोरियल पुरस्कार कम्प्यूटर साइंस की छात्रा पूनम को दिया गया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष शैलेज खेड़ा, कुमार धीरज, प्रवीण गौड़, अशोक मिश्रा, अविजीत पॉल, सुब्बाराव, निशांत, प्रमोद सहारण आदि मौजूद थे।
बीआरसीएम इंजीनियरिंग काॅलेज में कार्यक्रम का आयोजन, छात्रों ने प्रदर्शनी में दर्शाए विभिन्न मॉडल
बहल के बीआरसीएम कॉलेज में छात्रों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करते अतिथिगण।