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खाली जगह दिखते ही पौधे रोपने पहुंचते हैं वीरभान

6 वर्ष पहले
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गांवनंगल निवासी डा. वीरभान को पेड़-पौधों से लगाव है। पेड़-पौधे लगाने पर उसे भारी खुशी संतुष्टि मिलती है। वीरभान पिछले 15 सालों से पर्यावरण को बचाने के लिए पेड़-पौधे लगा रहा है। वह अब तक 10 हजार विभिन्न प्रजातियों के पेड़-पौधे अनेक त्रिवेणियां लगा चुका है। डा. वीरभान मात्र पेड़-पौधे लगाता ही नहीं बल्कि उनकी देखभाल भी करता है।

गांव नंगल में अपना निजी क्लीनिक चलाने वाले डा. वीरभान ने बताया कि करीब 15 साल पहले अचानक उसे मन में पर्यावरण को बचाने का ख्याल आया और उसने वातावरण को शुद्ध रखने के लिए पेड़-पौधे लगाने शुरू कर दिए। वीरभान के अनुसार वह गांव के स्कूल, अस्पताल, बस स्टैंड, खाली खेतों अन्य खाली पड़ी जगहों पर नर्सरी आदि से पौधे की व्यवस्था कर उसे लगाता है। उसने बताया कि वे आसपास की पंचायतों गांवों के क्लबों के पौधा रोपण अभियान में उनका सहयोग करता है।

वीरभान का कहना है कि पेड़-पौधों में मनुष्य की तरह जान होती है। उसे पौधे लगाकर बहुत ही राहत महसूस होती है।