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नसीब नहीं हुई आजाद हिंद फौज के सिपाही को आखिरी सलामी
देशकोआजादी दिलाने के लिए शारीरिक यातनाएं झेल चुके विदेशों में जेल काट चुके आजाद हिंद फौज के सिपाही स्वतंत्रता सेनानी श्याम सिंह को आज आखिरी सलामी भी नसीब हो सकी। इस कारण मृतक के परिजनों में रोष है।
वैसे इस अवसर पर श्रद्धांजलि देने के लिए प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। विदित रहे कि गांव बराड़ा के रहने वाले 95 वर्षीय श्याम सिंह सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज के सिपाही रहे एवं आजादी की लड़ाई लड़ते हुए उन्होंने विदेशों में जेल भी काटी। फिलहाल स्वतंत्रता सेनानी श्याम सिंह को सम्मान के तौर पर केंद्र राज्य सरकार से पेंशन भी दी जा रही थी। श्याम सिंह के लड़के कैप्टन चरण सिंह ने बताया कि गत दिवस लगभग 12:30 बजे उनके पिता ने आखिरी सांस ली। पिता की मृत्यु होने के पश्चात उन्होंने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को इस बारे सूचित कर दिया था कि 14 सितम्बर को प्रात: 10 बजे उनके पिता का अंतिम संस्कार किया जाएगा। श्याम सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए एसडीएम अश्वनी कुमार, बराड़ा के एसीपी अनिल कुमार, अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन फूलचंद मुलाना, वरुण चौधरी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति पहुंचे। चरण सिंह एवं मनमोहन सिंह का कहना है कि स्वतंत्रता सेनानियों की मौत होने पर उन्हें सम्मानपूर्वक पुलिस द्वारा आखिरी सलामी दी जाती है मगर बराड़ा पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
^स्वतंत्रता सेनानी श्याम सिंह के निधन की सूचना पुलिस थाना बराड़ा में दी गई थी। उन्हें ही आगामी कार्रवाई करनी चाहिए थी। अश्विनीकुमार, एसडीएमबराड़ा।
स्वतंत्रता सेनानी श्याम सिंह का सम्मान पत्र फाइल फोटो।