स्टाफ की कमी से जूझ रहे सरकारी कार्यालय
हरियाणासरकारएक तरफ जहां सरकारी कामों में तेजी लाने की बातें कर रही है वहीं दूसरी तरफ सरकारी कार्यालयों में स्टाफ की भारी कमी इन बातों की हवा निकाल रही है।
वैसे पूरे प्रदेश के सरकारी कार्यालयों में मौजूद स्टाफ पर यदि नजर दौड़ाई जाए तो ऐसा कोई भी विभाग नहीं होगा जो स्टाफ की कमी से जूझ रहा हो। स्टाफ की कमी की वजह से केवल सरकारी कार्य प्रभावित हो रहे हैं अपितु प्रदेश की जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा सरकारी विभागों में मौजूद अन्य स्टाफ पर वर्कलोड काफी हद तक बढ़ चुका है। नाम छापने की शर्त पर कुछ कर्मचारियों अधिकारियों ने कहा कि वर्कलोड बढ़ने की वजह से वह इतने परेशान चुके हैं कि उन्हें कई तरह की बीमारियों ने घेर लिया है।
बराड़ा में मौजूद सरकारी कार्यालयों की बात की जाए तो यहां एसडीएम कार्यालय में 1 रीडर 1 स्टेनो, तहसील कार्यालय में 7 पटवारी, 1 कानूनगो, बीडीपीओ कार्यालय में 15 ग्राम सचिव, 1 स्टेनो, 1 एकाउंटेंट, 1 एकाउंटेंट क्लर्क, 1 असिस्टेंट, 1 हेड क्लर्क, 1 माली कम चौकीदार, 2 चपरासी 1 पटवारी, पुलिस थाना बराड़ा में लगभग 15 से अधिक पुलिस कर्मचारी, बीईओ कार्यालय में 2 क्लर्क 2 असिस्टेंट, महिला एवं बाल विकास कार्यालय में 2 सुपरवाइजर, कृषि विभाग बराड़ा में 3 एडीओ 5 फील्डमैन, सीएचसी बराड़ा में 1 एसएमओ, 1 लेडी डाॅक्टर, 2 लैब टेक्नीशियन, 1 एक्सरे टेक्निशियन, 2 स्टाफ नर्स, 2 एमपीएचडब्ल्यू मेल, 2 चपरासी 1 स्वीपर, रोजगार कार्यालय में 1 असिसटैंट, 1 रोजगार अधिकारी, 2 क्लर्क, 1 स्वीपर कम चौकीदार 1 चपरासी, बिजली विभाग अधोया कार्यालय में एक जेई वन, 1 जेई, 7 फोरमैन, 1 सीए, 4 कैशियर, 35 एएलएम 9 लाइनमैन की कमी है। सरकारी स्कूलों में अध्यापकों अन्य स्टाफ की कमी सबसे ज्यादा है जिससे बच्चों की पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ रहा है। इनके अलावा बागवानी विभाग, पशु अस्पताल, पब्लिक हेल्थ, वन विभाग सहित अन्य विभाग भी स्टाफ की कमी से जूझ रहे हैं। सरकारी कार्यालयों में यदि स्टाफ की कमी को दूर कर दिया जाए तो केवल काम में तेजी आएगी बल्कि आम लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही साथ बेरोजगार युवक-युवतियों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे।