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ग्रामीण क्षेत्रों में बनी डिस्पेंसरियां बीमारी की चपेट में
>गांव तंदवाल की डिस्पेंसरी में घूमते हैं सांप अन्य जहरीले जीव
>स्वास्थ्य योजनाएं धरातल पर तोड़ रही दम
बराड़ा|एक ओरजहां प्रदेश सरकार लोगों को स्वस्थ रखने के लिए कई योजनाओं पर पानी की तरह पैसा बहा रही है तो वहीं दूसरी ओर बेहतर सुविधाएं देने की सरकार की सारी योजनाएं धरातल पर दम तोड़ती नजर रही है। शहरी क्षेत्रों की तुलना में गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं का बहुत बुरा हाल है। ग्रामीण इलाकों में बनी डिस्पेंसरियां केवल नाम की ही रह गई हैं। विभाग के ढुलमुल रवैये के कारण लोगों को स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। ब्लॉक बराड़ा के अधीन गांव तंदवाल स्थित उप स्वास्थय केंद्र आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है।
गांव तंदवाल में स्थित डिस्पेंसरी विभाग की लापरवाही के चलते बीमार हो चुकी है। डिस्पेंसरी में जगह-जगह बड़ी-बड़ी घास उग चुकी है। यहां जाने वाले रास्ते पर बड़ी-बड़ी, लंबी कांग्रेस घास अन्य पौधे उग आए हैं। इतना ही नहीं यहां सांप आदि भी कई बार घूमते देखे जा चुके हैं। यहां कार्यरत एएनएम अरुणा का कहना है कि यहां पर जो एएनएम कार्यरत थी, वह मेटरनिटी लीव पर गई हुई है। विभाग ने उसे उसकी जगह पर काम करने को भेजा है। अरुणा का कहना है कि डिस्पेंसरी की बिल्डिंग में साफ सफाई के अभाव में सांप, बिच्छू अन्य जहरीले जीव घूमते हैं। जो किसी को जानी नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में लोग अपना इलाज करवाने के लिए आने में भी कतराते हैं। विभाग को इसकी साफ-सफाई के बारे में वह कई बार कह चुकी हैं। अरुणा का कहना है कि उन्हें तो यहां पर बैठकर यही डर लगा रहता है कि कहीं से कोई भी जहरीला जीव या सांप आदि निकल आए। ऐसे में ग्रामीणों ने विभाग से डिस्पेंसरी की साफ सफाई कराने की गुहार लगाई है।
गांव तंदवाल में डिस्पेंसरी के बाहर रास्ते पर खड़ी घास।