लावारिस पशुओं का समाधान मांगा
बेसहाराआवारा पशुओं की समस्याओं के स्थाई समाधान हेतु सरकार गंभीरता से विचार कर रही है और शीघ्र ही कोई हल निकाल लिया जाएगा। यह बात उपायुक्त डा.चंद्र शेखर ने बुधवार को गांव खरक पूनिया में आयोजित खुले दरबार के दौरान ग्रामीणों की शिकायतें सुनते हुए कही। गांव वालों की शिकायत थी कि उनके गांव में आवारा पशुओं की भरमार है, आवारा पशुओं से अनेक तरह की समस्याएं सामने रही हैं।
ये पशु केवल फसल खराब कर रहे हैं, बल्कि अनेक तरह की समस्याएं पैदा कर रहे हैं। गांव बधावड़ के शमशेर मुकेश की शिकायत थी कि गांव की गली में अवैध कब्जा होने के कारण रास्ता रुका हुआ है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित तहसीलदार को निशानदेही करवाकर उचित कार्रवाई करने के आदेश दिए। कार्यक्रम के दौरान खेदड़, बालक कनौह में भी खुला दरबार लगाया गया। अधिकतर शिकायत बिजली, पानी, नहरी पानी, पीले कार्ड, बुढ़ापा पैंशन, अवैध कब्जों तथा आवारा पशुओं आदि से संबंधित थी। उपायुक्त ने उपस्थित लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वच्छता को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाएं। साफ-सफाई से अनेक तरह की बीमारियां दूर रहती हैं, इसलिए स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह मानव जीवन के लिए अति आवश्यक है। उन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान बारे कहा कि यह एक सामाजिक महत्व का कार्य है। संतुलित लिंगानुपात के लिए समाज के हर व्यक्ति को इस अभियान से जुड़ना चाहिए। उनके साथ उपमंडल अधिकारी नागरिक बरवाला प्रशांत अटकान, जीएम रोडवेज मुकेश सोलंकी, डीआरओ राजबीर धीमान, डीडीपीओ एसी कौशिक, डीएसपी देवेंद्र शर्मा सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
गांव खरक पूनिया में ग्रामीणों की शिकायतें सुनते उपायुक्त डा.चंद्र शेखर खरे।