शहीदों को जाित और समाज से जोड़ेेेें
शहीदों की अमरता के लगाए नारे
शहीदकिसी विशेष समुदाय या समाज के नहीं होते। उन्होंने सभी वर्गों के लोगों को आजादी दिलाने के लिए अपनी कुर्बानियां दी। उन्हें किसी जाति या समाज विशेष के साथ जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
यह बात ढाणा कलां में शहीद राव तुलाराम की जयंती के दौरान शहीद समिति के अध्यक्ष जगरूप सिंह बिसला ने कही। उन्होंने शहीद राव तुलाराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद कहा कि जो वर्ग शहीदों का मान-सम्मान नहीं करता, उसका पतन निश्चित होता है। उन्होंने कहा कि हमें शहीदों की याद में समय-समय पर कार्यक्रमों का आयोजन करना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी और युवाओं को प्रेरणा मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का यह फर्ज बनता है कि वह देश के प्रति समर्पित होकर सेवाभाव के साथ काम करे। इस दौरान खेलों का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर पूर्व सरपंच रंगी राम, ब्लाक समिति के पूर्व सदस्य हरिंद्र यादव, मदन सैनी, सतबीर नंबरदार, अजय सैनी, प्रमोद यादव, रविंद्र जांगड़ा, महाबीर यादव, नारायण यादव, अशोक यादव, सचिन यादव, हन्नी यादव आदि उपस्थित थे।
उधर, शहीद भगत सिंह फैंस क्लब की बैठक शहरी उपप्रधान पार्थ मक्कड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए प्रधान सन्नी इलावादी ने कहा कि 27 सितंबर को शहीद भगत सिंह के जन्मदिवस पर बजरंग आश्रम में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्घाटन हिसार की समाजसेवी पंकज संधीर तथा हजकां नेत्री रेणु मक्कड़ करेंगी। उन्होंने बताया कि शाम को शहीद भगत सिंह पार्क में सभा का आयोजन किया जाएगा जिसकी अध्यक्षता प्रो. छतरपाल करेंगे। इस अवसर पर हन्नी नागपाल, बंटी बांगा, पवन मल्होत्रा, अमित मल्होत्रा, गौरव शर्मा, नीरज, दीपक शर्मा, मोनू बिडलान थे।
बरवाला में शहीदी दिवस पर भगत सिंह की प्रतिमा को फूलमालाएं पहनाई गई।
ढाणां कलां में राव तुला राम की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते लोग।