मौजूदा 44 विधायकों को टिकट
हरियाणाविधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अंतत: लंबी जद्दोजहद के बाद बुधवार को अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। सूची में सभी मौजूदा विधायकों या उनके रिश्तेदारों को दोबारा टिकट दिया गया है। कुलदीप बिश्नोई की हजकां से टूटकर आए विधायकों में से भी जिलेराम को छोड़ सभी को मैदान में उतारा है। जिलेराम असंध से विधायक थे। उनकी जगह करनाल की मौजूदा विधायक सुमिता सिंह को टिकट दिया है।
सूची में 11 महिलाएं शामिल हैं। लेकिन बल्लभगढ़ की मौजूदा विधायक शारदा राठौर को मौका नहीं दिया गया। इस तरह कुल 46 मौजूदा विधायकों में से दो का टिकट कटा। 44 विधायकों पर फिर दांव खेला। भाजपा और इनेलो ने 15-15 महिलाओं को टिकट दिया है।
2009 में कांग्रेस को 40 सीटें मिली थी। हजकां से आए धर्म सिंह को समालखा, राव नरेंद्र सिंह को नारनौले सतपाल सांगवान को दादरी से टिकट मिला है। रतिया सीट पर उपचुनाव में कांग्रेस को जीत मिली थी। उधर, सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक (फतेहाबाद)प्रह्लाद सिंह गिल्लाखेड़ा मुख्य संसदीय सचिव पद से इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्हें यहीं से टिकट भी मिल गया।
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गणेश भट्ट. नई दिल्ली| कांग्रेसप्रत्याशियों की लिस्ट जारी होने से पहले प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने इस पर अपना जबरदस्त विरोध जताया। सूत्रों की मानें, तो तंवर को मौजूदा लिस्ट में करीब 20 नामों पर आपत्ति थी। टिकट पाने वाले ये सभी मुख्यमंत्री खेमे के बताए जाते हैं। तंवर को जब इसका पता लगा, तो उन्होंने केंद्रीय चुनाव समिति के इंचार्ज पीसी चाको के समक्ष इस्तीफे की पेशकश कर दी। उनके घर ही चल रही मीटिंग से उठकर चले गए। फिर चाको और अन्य नेताओं ने उनसे फोन पर संपर्क करना चाहा। लेकिन, कामयाब नहीं हुए। लिस्ट जारी करने से पहले दोपहर तीन बजे पीसी चाको ने हरियाणा कांग्रेस से जुड़े वरिष्ठ नेताओं और स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों को अपने आवास पर बुलाया था। अशोक तंवर भी इस बैठक में पहुंचे थे।
आरोपियों को भी टिकट
लिस्ट पर मतभेद, तंवर ने की इस्तीफे की पेशकश