भाकियू के नेतृत्व में किसान 18 को चंडीगढ़ में भरेंगे हुंकार
रैली के लिए गांवों में जनसंपर्क किया।
भास्करन्यूज | बरवाला
भारतीय किसान यूनियन से जुड़े हरियाणा पंजाब के किसान अब अपनी मांगों को लेकर चंडीगढ़ में हुंकार भरेंगे। इसे लेकर किसानों ने रणनीति बना ली है। यह रैली 18 फरवरी को चंडीगढ़ में होगी। किसानों ने अपनी रैली को ललकार रैली नाम दिया गया है। शनिवार को रैली को लेकर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने क्षेत्र के गांव राजली, जेवरा, ढाड, ब्याना खेड़ा, खरक पूनिया सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों का दौरा किया। गांव राजली में भाकियू के प्रदेश सरंक्षक रामफल कंडेला ने ग्रामीणों से संपर्क साधा और उन्हें रैली में आने का न्यौता दिया।
रैली को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेवारी भी सौंपी गई। किसानों को संबोधित करते हुए यूनियन नेता रामफल कंडेला ने कहा कि भाजपा की गूंगी बहरी सरकार के कान खोलने के लिए चंडीगढ़ में प्रदेश के लाखों किसान जुटेंगे। हरियाणा पंजाब राज्य की सरकार के समक्ष अब किसान दहाड़ लगाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसान विरोधी नीतियों को अपनाए हुए है। ऐसे में अब किसान चुप नहीं बैठेंगे। कंडेला ने अपनी मांगों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को चाहिए कि वे स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करे, किसान मजदूर को कर्ज मुक्त करने की दिशा में भी काम करे। ललकार रैली में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत, पंजाब भाकियू अध्यक्ष अजमेर सिंह लखोवाल, हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष रतन मान सहित कई किसान नेता संबोधित करेंगे। संगठन के जिलाध्यक्ष प्रदीप मिर्चपुर ने इस बीच कहा कि सरकार बिजली चोरी के नाम पर बिजली कर्मचारियों पर नाजायज दबाव बनाकर आमजन को प्रताडि़त करवा रही है।
किसान नेता प्रदीप ने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते अब किसानों को खेती छोड़ कर आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा। किसान नेताओं ने इस बीच प्रधानमंत्री की ओर से हाल ही में घोषित की गई नई फसल बीमा योजना को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि यह योजना एक नमूना है।
जिसकी वजह से आने वाले समय में बीमा पॉलिसी की आड़ में किसानों को हजारों करोड़ रुपये टैक्स के रूप में चुकाने पड़ेंगे। अभियान के दौरान प्रधान कृष्ण कुमार, सूरजमल, शिवलाल, बारूराम, अमर सिंह, मेवा सिंह, शमशेर सिंह भी मौजूद थे।