खरीदी दुल्हनों से बसे हैं सैकड़ों घर
कन्याभ्रूण हत्या की एक भयावह तस्वीर अब सामने रही है। भ्रूण-हत्या से बिगड़े हुए लिंगानुपात के कारण सैकड़ों घर खरीदकर लाई हुई दुल्हनों से बसे हुए हैं। खिजूरी गांव में एक महिला को बेचने का मामला सामने आने के बाद फिर से यही बड़ा सवाल उठता है कि आखिरकार महिलाओं की खरीद फरोख्त पर किस तरह से अंकुश लगेगा।
गांवोंमें फैली है दलालों की जड़े : दुल्हनोंको भी खरीदा जाता है, यह बात अजीब जरूर लगती है लेकिन जिले के दर्जनों गांव ऐसे हैं, जहां खरीदकर लाई हुई दुल्हनों से ही अधेड़ नौजवानों के घरों को बसाया गया है। अब बड़ा सवाल यही है कि इन दुल्हनों को खरीदा कैसे जाता है। बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े स्तर पर ऐसे दलाल मौजूद हैं, जो इस तरह की सौदेबाजी को अंजाम देते हैं। महज 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपए में दुल्हनों का सौदा कर दिया जाता है। बड़ी बात यह है कि इन दुल्हनों को पूर्वोत्तर, महाराष्ट्र अन्य पिछड़े हुए राज्यों से लाया जाता है।
^ ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामलों को गंभीरता से लिया जाता है। इस तरह के मामलों में जो भी शिकायतें आती है तुरंत प्रभाव से उनपर कार्रवाई होती है। महिला शिकायत सीधे पुलिस को सूचित कर सकती हैं। पुलिस उन घरों की भी जांच करेंगी, जिनमें इस तरह से खरीदकर दुल्हनों को लाया गया है। -नाजनीज भसीन, एसपी।
केस थ्री : बावलक्षेत्र के ही चिराहड़ा का मामला फरवरी में सामने आया था। ससुर ने पहले खरीदी हुई हुई महिला से बेटे से विवाह कराया। उसके बाद पुत्रवधू से ही रेप करता रहा और बाद में राजस्थान में ले जाकर उसका किसी और के साथ सौदा तय कर दिया। बाद में किसी तरह से महिला उनके चंगुल से मुक्त होकर बहरोड़ पुलिस के पास पहुंची थी और बहरोड पुलिस चिराहड़ा में दबिश देने आई थी। इस मामले में आरोपी ससुर को दबोचा जा चुका है।
केस टू : बावलक्षेत्र में ही करीब साल भर पूर्व एक बड़ा मामला उस समय सामने आया था जब महाराष्ट्र की ही रहने वाली एक महिला को कुछ दिन रखकर पति ने आगे सौदा करने की ठान ली। महिला को जब इस बात की जानकारी मिली तो उसने विरोध किया। मामला पुलिस के पास पहुंचा, जिसके बाद महिला को वापस महाराष्ट्र भिजवाया।
केस वन : कोसलीके गांव में करीब दो साल पूर्व आसाम से एक महिला को खरीदकर लाया था। महिला कुछ दिन तो कथित पति के साथ रही, लेकिन इसके बाद रातों रात गायब हो गई। परिवार के लोग महिला के घर तक