तीन वाटर सप्लाई फिर भी धारण गांव प्यासा
बावलक्षेत्र के गांव धारण में कहने को तो वाटर सप्लाई के लिए तीन बोरिंग किए गए हैं, लेकिन चालू हालत में एक भी नहीं है। महीनों से ग्रामीण प्यासे हैं और खरीदकर पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों की परेशानी को लेकर तो ग्राम पंचायत ही गंभीर है और ही जनस्वास्थ्य विभाग।
2004से अब तक चालू नहीं हुआ बोरिंग
धारणगांव में ग्रामीणों को पानी सप्लाई करने के लिए तीन बोरिंग कराए गए हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि तीन-तीन बोरिंग होने के बावजूद भी ग्रामीणों के घरों में पानी की किल्लत है। वर्ष 2004 में तत्कालीन सांसद सुधा यादव ने एमपी कोटे से धारण में बोरिंग कराई थी। बोरिंग हो गई तथा मोटर भी लगा दी गई, लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग ने बीते 11 सालों में बोरिंग को चालू ही नहीं किया है। लाखों रुपए खर्च करने के बाद बीते 11 सालों से ग्रामीणों को उक्त बोरिंग से पानी नसीब नहीं हो पाया है। गांव में इसके अतिरिक्त दो और बोरिंग है, लेकिन वे भी बेकार पड़े हैं। एक बोरिंग तो पंचायत के अधीन है, जिसकी भी सुध नहीं ली जा रही है।
पशुओंको पालना होता जा रहा मुश्किल
ग्रामीणमामराज, रामकिशन, राजेंद्र, हंसराज आदि का कहना है कि गांव में सप्लाई नहीं होने के कारण या तो उन लोगों को दूसरे गांवों से पीने का पानी लाना पड़ता है या फिर खरीदकर पानी लेना पड़ रहा है। पानी की सप्लाई नहीं होने से पशुओं को पालना मुसीबत बनता जा रहा है। इस बाबत ग्राम पंचायत से लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तक को कई बार सूचित किया जा चुका है, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं कराया जा रहा।
विभाग की खामी के चलते हो रही परेशानी : सरपंच
^गांवमें दो वाटर सप्लाई जनस्वास्थ्य विभाग की है। इनमें से एक को शुरू नहीं किया गया और दूसरी खराब पड़ी हुई है। पंचायत के अधीन वाली वाटर सप्लाई में कुछ दिक्कत गई है, जिसे ठीक कराया जा रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग को कई बार शिकायत दी जा चुकी है लेकिन समाधान के प्रयास नहीं हो रहे। -आशा देवी, सरपंच, धारण।
खरीदकर पानी पीने को मजबूर ग्रामीण