एनसीआर में घटे विदेशी पक्षी, डीघल में दिखीं ज्यादा प्रजातियां
दिल्लीएनसीआर में विदेशी पक्षियों का आगमन कम हो रहा है। इस बात का खुलासा बीते दिनों दिल्ली बर्ड क्लब द्वारा कराई गई प्रवासी पक्षियों की सालाना गिनती में हुआ। इस बार दिल्ली एनसीआर में पक्षियों की 228 प्रजातियां ही देखी गई,जबकि बीते साल 338 प्रजातियों की गिनती हुई थी।
क्लब ने दिल्ली एनसीआर के लिए 20 टीम बनाई थी। हर टीम में 10 से 12 की संख्या में पक्षी प्रेमी मौजूद रहे। फोकस छह स्थानों पर रखा गया। इनमें गुड़गांव की सुल्तानपुर झील, झज्जर की भिंडा वास झील, बेरी का डीघल क्षेत्र, नोएडा का घनौरी, दिल्ली का ओखला यमुना पार्क क्षेत्र रहा। इनमें सबसे ज्यादा विदेशी पक्षियों को डीघल की टीम ने खोजा है। राकेश अहलावत की अगुवाई में टीम ने 160 प्रजातियों को नोट किया। अहम यह है कि वर्ष 2015 में भी डीघल की टीम प्रतियोगिता में पहले स्थान पर आई थी।
पिछलीबार की अपेक्षा विदेशी पक्षियों मेें कमी : दिल्लीबर्ड क्लब के सदस्य दिल्ली के पंकज गुप्ता ने बताया कि इस बार पक्षी प्रेमियों ने दिल्ली एनसीआर में प्रवासी पक्षियों की कमी देखी। इसका कारण मौसम के बदलाव के अलावा प्रवासी पक्षियों को अनुकूल माहौल मिल पाना रहा। मौसम के अलावा एक तो क्षेत्र के तालाबों में मछलियां होना, मछलियों के तालाब का बदलते रहना क्षेत्र में नमीयुक्त जमीन की कमी रहना प्रमुख है।
येउद्देश्य है पक्षियों की गणना की: दिल्लीबर्ड क्लब के अध्यक्ष विक्रम ग्रेवाल को-आॅर्डीनेटर निखिल देवेश्वर ने बताया कि उनका क्लब पिछले 10 साल से देश भर में फैले अपने क्लब सदस्यों की बदौलत फरवरी मार्च के बीच प्रवासी पक्षियों की गणना करता है। ये डाटा हमने संभालकर रखा है।
दिल्ली बर्ड क्लब के पक्षी प्रेमी जब प्रवासी पक्षियों की गिनती कर रहे थे तब गुड़गांव के बसई क्षेत्र में दुर्लभ पक्षी वाटर रेल नजर आया। यूरोप का यह पक्षी 3 साल बाद दिखा। इससे पहले ये 8 से 10 साल बाद ही दिखता था। पक्षी प्रेमी राकेश अहलावत ने बताया कि ये पक्षी अक्सर सरकंडों और झुरमुटों के पीछे ही रहता है। लिहाजा कम ही नजर आता है।
3 साल पहले 100 साल बाद दिखा था हंस का जोड़ा
दिल्लीबर्ड क्लब के अनुसार हंस अब तो कथा और कहानियों में दिखाई देते हैं। वैसे अब तक रिकार्ड के अनुसार भारत में हंस का एक जोड़ा हिमालय के पोंगडैम क्षेत्र में देख गया था। तब भी भारत में 100 साल बाद कोई हंस का जोड़ा देखा गया था।
यूरोप, साइबेरिया और मंगोलिया से आए विदेशी मेहमान
दिल्लीएनसीआर में ज्यादातर विदेशी पक्षी साइबेरिया, मंगोलिया और यूरोप से आए हैं। इन स्थानों पर बर्फ जमी हुई है। इन्होंने भारत की ओर रुख किया है। इनमें बतख प्रजाति की बार हेडिड गूज,मलार्ड, स्नाईपर प्रजाति, उथले पानी में रहने वाली वाबलर, पेड़ पर रहते वाले पिपिट ईगल की कई विदेशी प्रजातियां शामिल हैं।
दिल्ली एनसीआर में टॉप 3 टीम
डीघल,राकेश अहलावत 161 पक्षी
भिंडा वास ,सुरेश शर्मा 150 पक्षी
सुल्तानपुर,पंकज गुप्ता 148 पक्षी
बिरधाना गांव में दिखने लगे विदेशी पक्षी।
डीघल में प्रवासी पक्षियों की गणना करते पक्षी प्रेमी।