भक्तों ने मनोकामना पूरी होने के लिए लिया आशीर्वाद
बसंतपंचमी पर क्षेत्र में होली का डांडा गाड़ा गया। वहीं कई जगह भंडारे का भी आयोजन किया गया। यह दिन किसानों के लिए भी खास है।
कहा जाता है कि इस दिन के बाद फसल पकना शुरू हो जाती है। जिसका किसानों को इंतजार रहता है। वही बसंत पंचमी का पर्व धर्मनगरी बेरी मे कई जगह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मान्यता है कि इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। यह पूजा पूर्वी भारत में बडे़ उल्लास से मनाई जाती है। इस दिन स्त्रियां पीले वस्त्र धारण करती है। बेरी में भी बसंत पंचमी की धूम कई जगह दिखाई दी। बेरी स्थित छा जाना पाना बोड़ा कुआं मंदिर में बसंत पंचमी का पर्व धूमधाम से मनाया। बाबा सुंदर दास ने बताया कि आस पास के अनेक गांवों के भक्तो ने आस्था विश्वास के साथ मंदिर में मत्था टेककर अपनी मनोकामना पूरी होने का आशीर्वाद लिया मंदिर परिसर में हवन भण्डा रें का आयोजन भी किया जाता है जिसमें श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करतेे है।
भक्तों ने रखा व्रत
भक्तवीरेंद्र कुमार ने बताया कि बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा अर्चना करते है आज के दिन व्रत करने से ज्ञान की वृद्धि होती है। विद्यार्थियों को ज्ञान की जरूरत है हर व्यक्ति को ज्ञान की आवश्यकता है इसलिए आज के दिन सभी लोग मिलकर मां सरस्वती की अराधना करते है।