कैसे हो व्यापार, आगे 15 फीट का गड्ढा
मेट्रोलाइन के लिए बस अड्डे के सामने दर्जनों दुकानदारों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। अब ये दुकानदार कर्ज में डूबते जा रहे हैं।
इससे परेशान दुकानदारों ने सोमवार को रोष प्रकट किया स्थानीय प्रशासन से इस गड्ढ़े को जल्द से जल्द भरवाने की मांग की है। दुकानदारों का कहना है कि उनका रोजगार तो समाप्त हो गया, लेकिन अब यहां किसी भी दिन कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। हाईवे पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने से यहां इतना बड़ा गड्ढ़ा किसी भी वाहन के लिए काल बन सकता है। दुकानदारों का आरोप है कि मेट्रो ने हाईवे पर बेरीगेट्स लगाकर इस गड्ढ़े को छुपा दिया है पर आज तक इस गड्ढ़े को भरा नहीं गया है। मौजूद लोगों का कहना है िक लगता है प्रशासन किसी दुर्घटना का इंतजार कर रहा, कि जब कोई ऐसी अनहोनी हो तब इस गढ्ढे को भरवाया जाए।
^घटना होने के बाद प्रशासन की नींद खुलेगी तब तक यहां काफी नुकसान हो चुका होगा। प्रशासन इस गड्ढ़े को भरवा, यहां भी सड़क तैयार करे जिससे कई दर्जन दुकानदारों के सामने रोटी का संकट खड़ा नहीं हो। -सोनू प्रधान, दुकानदार
^मेट्रो अधिकारियों को चाहिए कि वे इस गड्ढ़े को जल्द से जल्द भर दे। जिससे यहां लोगों के पैदल चलने तक का मार्ग तो बन सके। कोई मार्ग नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है गड्ढ़ा भरने से एक दो ग्राहक तो मार्किट में आने का साहस कर सकेगा। -ललितसैनी, दुकानदार
^बार बार के गुहार लगाने के बाद भी मेट्रो ने आज तक इस गड्ढ़ को नहीं भरा है। इसके साथ से निकलते समय भी डर लगता है। जब दुकानदारों को भी डर लगता है तो ऐसे में ग्राहक का दुकानों पर पहुंचना भी संभव नहीं है। किस से गुहार लगाए तो किससे यह भी समझ में नहीं रहा। -पवननारंग, दुकानदार
^लोगों को यह गड्ढ़ा दिखाई भी देता है पर कोई कुछ नहीं करता। लोग इसे देखते है हैरान होते है आगे बढ़ जाते हैं। यह हालात कब तक बने रहेंगे इस बारे में कोई अधिकारी जवाब नहीं दे रहा। अब तो दुकानदारी बर्बाद हो चुकी है पर हम चाहते हैं कि यहां कोई दुर्घटना नहीं घटे। -सत्यप्रकाश,दुकानदार
^पहले व्यापार गया अब घर चलाना भी परेशानी का कारण हो गया है। क्या करे कुछ भी समझ में नहीं रहा। डेढ़ साल पहले दुकानों को तोड़कर वहां मेट्रो ने नई दुकान बना कर दी है। पर यहां एक साल से दुकानों के सामने बैरिगेट लगा दिए। अब कई माह से गड्ढाा सभी के लिए सिरदर्द बना हुआ