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दो शहरों का कॉमन होगा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट
तैयारी
प्रशासन का दावा खुले घूमने वाले पशुओं पर होगा नियंत्रण, स्वच्छता की तरफ होगा ध्यान
विकासकार्यों को लेकर रोहतक के साथ-साथ झज्जर भी पूर्व हुड्डा सरकार के दौरान विपक्ष के निशाने पर रहा, लेकिन सच्चाई यह है कि पिछले दस सालों के दौरान शहर का कूड़ा डालने और इसके निपटान के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने की दिशा में काम नहीं हो सका। हालांकि ये पर्यावरण, शहर की सुंदरता और लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। ऐसे में झज्जर में तैनात नए डीसी डाॅ. अंशज सिंह ने भी इसकी आवश्यकता को समझा है।
शुक्रवार को डीसी पहली बार पत्रकारों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि झज्जर और बेरी दोनों ही शहरों में कूड़ा डालने की जगह नहीं है। ये शहर की स्वच्छता के लिए बेहद जरूरी है। इस दिशा में अब काम किया जा रहा है। दोनों ही शहरों के बीच अधिक दूरी नहीं है, लिहाजा दोनों शहरों के बीच किसी एक जगह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तैयार किया जाएगा। इसके लिए एक सलाहकार फर्म के साथ चर्चा हो रही है। सरकार की ओर से भी इस परियोजना पर कार्य के लिए औपचारिक स्वीकृति मिल चुकी है। सीएम के समक्ष बैठक में यह मामला रखा गया था। इसके अलावा शहर में पीने के पानी की सुचारू आपूर्ति, आवारा पशुओं पर नियंत्रण और अतिक्रमण-जाम की समस्या को खत्म करना के लिए पहल होगी।
दुधारू गाय खुली छोड़ी तो नहीं मिलेगी मालिक को
डीसीने बताया कि सड़कों पर खुले घूमने वाले पशुओं की संख्या को नियंत्रित करने पर विचार हो रहा है। देखने में आया है कि कुछ लोग दुधारू गाय को खुला छोड़ देते हैं और दूध के लिए उसको फिर बांध लेते हैं। अब ऐसा नहीं होगा। दुधारू पशुओं को गोशाला में छोड़ा जाएगा। एक बार पकड़े जाने पर फिर उसको वापस मालिक को नहीं दिया जाएगा। साथ ही आवारा घूमने वाले सांड, बंदरों अन्य पशुओं के लिए भी अलग योजना तैयार की जा रही है। सरकार का भी मानना है कि अब गोशालाओं के लिए नियमित रूप से ग्रांट का प्रावधान हो। इस दौरान जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी नीरज कुमार भी मौजूद रहे।
डीसी रात 11 बजे शहर की सड़कों पर
शामको पांच बजे से पहले ही कार्यालय छोड़ने वाले कर्मचारियों को डीसी से सबक लेना चाहिए। हुड्डा के बाद अब खट्टर सरकार गई है। प्रशासनिक अधिकारियों ने तो अभी से सरकार की कसौटी पर खरा उतरना शुरू कर दिया है। शायद यही कारण रहा कि गु