शहर में कचरा डालने का स्थान ही नहीं
बेरी नगरपालिका के सफाई के दावे हवा
स्वच्छताको लेकर देश के प्रधानमंत्री का मोदी विजन झज्जर शहर में फेल हो गया है। कूड़ा डालने की जगह होने से नगर पालिका से लेकर जिला प्रशासन बेबस हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कदम ताल मिलाकर चलने वाले हरियाणा के कृषिमंत्री ओमप्रकाश धनखड़ का झाड़ू उठाकर पेश किए गया उदाहरण भी अब उदाहरण मात्र ही बन कर रह गया है। हालत यह है कि शहर की हर सड़क और चौराह गंदगी से पट गया है।
बता दें कि क्षेत्र में नाली, सड़क सीवर के लिए नगर पालिका में खासा बजट आता रहा, लेकिन इस बजट का कथित रूप से सही से उपयोग नहीं हुआ, जबकि कई जगह इसकी बंदरबांट भी रही, जबकि शहर मुख्य समस्या गंदगी डालने और शहर की मीट मार्केट को तैयार करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। लिहाजा अब हालत यह है कि नगरपालिका के बाद शहर की गंदगी को खपाने के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट तो दूर की बात है साधारण रूप से गंदगी को डालने तक की जगह नहीं है। इस स्थिति के चलते शहर का कचरा जहां-तहां फेंका जा रहा था।
जब इसके संबंध में लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया, तब नगर पालिका के अफसरों ने भी हाथ खड़े कर दिए। अब हालत यह है कि शहर का कचरा शहर में ही पड़ा है। जहां कहीं भी गंदगी डालने की जगह निर्धारित थी, वहां पर गंदगी ही गंदगी है। जिसके चलते लोगों में रोष बढ़ रहा है। खास बात यह है कि जब देश के प्रधानमंत्री की ओर से स्वच्छता पर जोर दिया गया था, तो उस समय हरियाणा के कृषिमंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने भी झाड़ू उठाकर सफाई के मामले में उदाहरण पेश किया था, लेकिन अब कुछ ही दिनों में शहर की इस प्रकार की स्थिति बन जाने से शहरवासी चिंतित हैं। यहां शहर की प्रशासनिक व्यवस्था एक बाद फिर से फेल नजर रही है।
सड़क और नालों में भी पॉलीथिन
पिछलेएक सप्ताह से गंदगी उठाए जाने से अब शहर के गंदगी वाले क्षेत्र की स्थिति नरक सी बनी है। पहले तो गंदगी के ढेर सड़क किनारे ही रहते थे, लेकिन अब इनके सड़क पर और पास के नालों में फैल जाने के समस्या बढ़ रही है। लोगों ने इस मामले में उच्च अधिकारियों से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। शहर धार्मिक धर्मशालाओं हो, गैस एजेंसी हो या फिर कोई पार्क या फिर चौराहा, सब दूर गंदगी ही गंदगी बनी है।
इधर का कूड़ा उधर
सुरेशकुमार, नंदलाल, जगबीर सिंह, सन्नी अरोड़ा ने बताया कि शहर की ग