अफसर कार्यालय में, साइट पर, रही हैं शिकायतें
पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से बनाई जा रही योजनाओं पर अब सवाल उठ रहे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि योजनाओं पर तैनात अफसर मौके पर तैनात नहीं रहते हैं, जबकि कार्यालय से गायब होने पर इनके बारे में तर्क साइट पर होने का रहता है। विभागीय अफसरों की कार्यशैली के कारण खेड़ी खुम्मार का नाला निर्माण छह साल बाद फिर एक बार सुर्खियों में है।
खेड़ी खुम्मार के रहने वाले प्यारेलाल,सुरेंद्र, रामफुल, प्रभुदयाल का आरोप है कि उनके गांव में पीडब्ल्यूडी के बेरी सब डिविजन की ओर से गांव में तैयार कराए जा रहे नाले पर आपत्ति है। 6 साल पहले इसके निर्माण पर एक करोड़ के करीब राशि खर्च की गई थी, लेकिन गलत डिजाइन के कारण यह व्यवस्था फेल हो गई। अब फिर से योजना तैयार की गई, तो इसके कारण गांव की कई गलियों का पानी अवरुद्ध हो गया। झज्जर शहर के साथ लगते गांव के पानी का ड्रेन की ओर प्राकृतिक बहाव है, लेकिन इसके बावजूद लेवल में इस कदर भारी चुक की गई है कि आरओ वाली गली सहित गांव की बड़ी आबादी में अब जलभराव की समस्या रहेगी। बरसात के दिनों में कहीं अधिक परेशानी होगी। लोगों का कहना है कि यह समस्या इसलिए है कि मौके पर अफसर होते नहीं है। लेबर के जिम्मे समूचा काम चलता रहता है। नाले का लेवल पश्चिम के अलावा गांव के बीच में भी ठीक नहीं है।
आज नाले की जांच की जाएगी
^खेड़ीखुम्मार की समस्या उसके संज्ञान में नहीं आई थी। वहीं बायोमैट्रिक्स मशीन के खराब होने के लिए कंपनी के इंजीनियर को लिखा हुआ है। 14 फरवरी को रविवार है, लेकिन वे शहर में ही है, छुट्टी वाले दिन नाले की जांच की जाएंगी।-विशाल कुमार,कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी, झज्जर।
बायोमैट्रिक्स मशीन है खराब
नालेनिर्माण का यह कार्य पीडब्ल्यूडी के बेरी सब डिविजन की ओर से कराया जा रहा है। सब डिविजन को नया भव्य कार्यालय मिला है, लेकिन यहां पर तैनात एक दर्जन स्टाफ में अधिकांश कार्यालय में नहीं पर पहुंचते हैं। बायोमैट्रिक्स मशीन खराब है, जबकि कहने को यहां के जेई दूसरे स्टाफ साइट पर होते हैं। जबकि लोगों का कहना है कि यहां के अफसर ना कार्यालय में होते हैं और ना साइट पर जिसके कारण अब खेड़ीखुम्मार जैसे समस्याएं का दर्द उभर कर सामने रहा है।
खेड़ी खुम्मार में वो नाला िजसे लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जािहर की है।