पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • 235 गैस सिलेंडर समेत दो गिरफ्तार

235 गैस सिलेंडर समेत दो गिरफ्तार

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सीआईएने गुरुवार दोपहर एक ऐसे गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया, जो गुडग़ांव में घरेलू रसोई गैस के प्रति सिलेंडर को 1600 रुपए में बेचते थे। पुलिस गिरोह ने इस गोरखधंधे में शामिल वाहन 235 सिलेंडर जब्त कर लिए हैं। गिरोह के सदस्यों से कड़ी पूछताछ की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक सीआईए टीम गुरुवार को दोपहर तीन बजे गश्त पर थी कि तभी उनको सूचना मिली कि आयशर गाड़ी संख्या एचआर 55 बी 3354 में कालाबाजारी कर रसोई गैस के सिलेंडर लगाए जा रहे हैं, जिनको आगे गुड़गांव में बेचा जाएगा। इस सूचना पर पुलिस ने शहर के गुड़गांव बाईपास पर वाहन को रोका और उसमें सवार लोगों से कंटेनर खोलने के लिए कहा गया। तब कैंटर में 235 सिलेंडर मिले। इन सिलेंडरों के बारे में कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाए। इसके बाद पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया।

पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को अपनी पहचान यूपी हसनपुर के मूयारे निवासी छोटू पलवल के लाहरपुर निवासी कुमरपाल बताई। इनकी उम्र करीब 30 साल है। पूछताछ में इस बात की जानकारी मिली कि ये सिलेंडर जींद के उझाना से लाए गए हंै और उनको आगे गुड़गांव में 1600 रुपए प्रति सिलेंडर बेचा जाना था, लेकिन उससे पहले ही ये पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

कंटेनरबने तस्करी का जरिया

झज्जरमें कंटेनर के माध्यम से होने वाली तस्करी कोई नई बात नहीं है। गैस सिलेंडरों से पहले, शराब, चंदन की लकड़ी और गाए की तस्करी के खुलासे भी हो चुके हैं। यह खुलासे पिछले कुछ समय के दौरान ही हुए हैं। ऐसे में अब यह सवाल उठाने लगा है कि पुलिस को क्षेत्र से गुजरने वाले कंटेनर पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। बंद कंटेनरों में इस प्रकार से तस्करी का यह मामला बड़ा ही संगीन है। शराब और चंदन तस्करी का मामला तो लाखों का रहा है। ऐसे में यहां नेशनल हाईवे दूसरे मार्गों से गुजरने वाले वालों पर अधिक निगरानी और कड़ी पुलिस जांच की व्यवस्था लागू करने की आवश्यकता बढ़ गई है।

सिलेंडरतस्करी का है चौथा बड़ा खुलासा

क्षेत्रकी पुलिस का यह चौथा बड़ा खुलासा है। इससे पूर्व इसी टीम ने तलाब रोड से 30 जनवरी को 60 सिलेंडर जब्त किए थे। इससे पूर्व बेरी और गुढ़ा के पास बड़ी मात्रा में सिलेंडर पकड़े गए थे। ये सिलेंडर रोहतक और राजस्थान से लगाए जा रहे थे। सभी मामलों में यह बात भी सामने आई कि सभी सिलेंडर गुड़गांव में ले जाए जा रहे थे। ऐसे में यह जांच का मामला है कि आखिरकार गुड़गांव कालाबाजारी के सिलेंडरों के प्रयोग का केंद्र कैसे बनता जा रहा है और इस गोरखधंधे में कितने लोग शामिल हैं।

किराएके वाहन से अंजाम दिया गोरखधंधा

मामलेकी जांच कर रही पुलिस का कहना है कि पकड़े गए कुमरपाल ही गाड़ी को चला रहा था, जबकि छोटू भी उसके साथ था। वाहन के बारे में पूछताछ की गई, तो बताया गया कि यह वाहन उन्होंने गुडगांव से ही किराए पर लिया हुआ है और इसके लिए वे वाहन मालिक को एक मुश्त किराया महीने में दे देते हैं। पुलिस ने जांच के संबंध में अब इस वाहन मालिक को भी तलब किया गया है। पुलिस पकड़े गए लोगों से अब इस गिरोह के सरगना तक पहुंचने की कोशिश में है।

सिलेंडर किस के पास लाए गए है पता किया जा रहा है

^हमारीटीम की सिलेंडरों के मामले में यह दूसरी कार्रवाई थी। पुलिस गुप्त सूचना जुटाकर इस प्रकार के गोरखधंधा में शामिल लोगों का पर्दाफाश करने में लगी है। अभी यह पता लगाया जाएगा कि आखिर दोनों आरोपी किस के पास से ये सिलेंडर लेकर चले हैं। -रोहताश,सीआईए इंस्पेक्टर झज्जर।

तीन आरोिपयों को गिरफ्तार करने वाली सीआईए की टीम।