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किसानों का गुस्सा फूटा, पीएम पुतले की चप्पलों से पिटाई
केंद्रसरकार द्वारा चावल का निर्यात रोक दिए जाने से खफा किसान संगठन से जुड़े किसानों ने बुधवार को अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा की जिला इकाई की ओर से प्रधानमंत्री का पुतला फूंका। इससे पूर्व पुतले को चप्पलों से पीटा भी गया।
इससे पहले बुधवार को डीसी कार्यालय के सामने इस मामले में धरना दिया गया। इसकी अध्यक्षता जयप्रकाश बेनीवाल ने की, जबकि मंच का संचालन सुरेंद्र सिवाच ने किया। धरना देने वाले किसानों में इस बात को लेकर रोष था। केंद्र सरकार किसान विरोधी है और अब सत्ता में आती है। किसानों के धान के निर्यात पर रोक लगा दी गई है। डीजल के भाव बढ़ते जा रहे हैं। इससे किसानों की आर्थिक हालत खराब होगी। इस सब को देखते किसानों को 50 फीसदी रियायत डीजल पर दी जानी चाहिए।
कपास ग्वार की फसल बर्बाद हुई है। इसके लिए प्रति एकड़ 25 हजार रुपए की दर से मुआवजा दिया जाना चाहिए। किसान संगठन का आरोप है कि बेरी खंड में किसानों को 2012 की रबी फसल कोआओपरेटिव सोसायटी से कर्ज लिया, किसानों की फसल का बीमा भी किया गया, लेकिन अब बीमा कंपनी राहत राशि दिए जाने में आना कानी कर रही है।
इससे किसान अब गुस्से में हैं। वे अपने आप को ठगा से महसूस कर रहे हैं। इसी को लेकर धरना प्रदर्शन नारेबाजी का दौर चला। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका गया। बाद में प्रधानमंत्री और हरियाणा के सीएम के नाम डीसी के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया। इस मौके पर कृष्ण कुमार, सत्यनारायण, महा सिंह दलाल, जितेंद्र सांगवान विशेष रूप से मौजूद रहे।