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मां भीमेश्वरी की श्रद्धालु आसानी से लगा सकेंगे परिक्रमा

7 वर्ष पहले
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मांदुर्गा का उत्सव नवरात्र के रूप में मनाने के लिए जिलेभर के देवी अन्य मंदिरों में तैयारी हो गई है। बाजार मां के श्रृंगार पूजन-सामग्री से सज गए हैं। मंदिरों में नए सिरे से रंग-रोगन किया गया है। जिले में मुख्य आकर्षण बेरी में मां भीमेश्वरी मंदिर में रहेगा।

यहां श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने तमाम सुविधाओं के बंदोबस्त किए हैं। बेरी के मंदिर में नवरात्रों के उपलक्ष्य में सजावट हो चुकी है। वहीं, विश्व प्रसिद्ध मां भीमेश्वरी देवी मंदिर में लगने वाले मेले की सभी तैयारियां पूरी हो गईं हैं।

पुलिस ने लिया जायजा

एसपीझज्जर बलबीर सिंह ने थाना प्रभारी जसबीर सिंह के साथ मेले को लेकर बैठक की। थाना प्रभारी जसबीर सिंह ने बताया कि अंदर वाले मंदिर से मां सुबह 4 बजे आएंगी, जिसके लिए पुलिस टीम लगा दी गई है। बाहर अंदर वाले मंदिर में सादी वर्दी में सुरक्षा कर्मी तैनात कर दिए हैं। श्रद्धालुओं को एकदम सुरक्षित माहौल दिया जाएगा।

मंदिर की खासियत

मंदिरके अंदर वाले स्थान से सुबह मां भीमेश्वरी देवी की प्रतिमा को बाहर वाले मंदिर में लाया जाता है। इस तरह यह दुनिया का ऐसा पहला धार्मिक स्थान हैं जहां मंदिर दो और मां की मूर्ति एक ही है। वहीं, दोपहर को वापस अंदर वाले मंदिर में स्थापित कर दिया जाता है।

इस बार ये व्यवस्था रहेगी खास

>बेरीमाता के बाहर वाले मंदिर में श्रद्धालु परिक्रमा लगा सके। लिहाजा मेन गेट खोल दिया गया।

>मां के मंदिर में पहली बार गर्भगृह तैयार कर लिया गया है। इस बार के नवरात्र में इसके जरिए भक्तों को मां के दर्शन आसानी से होंगे।

>प्राचीन जोहड़ को आधुनिक रूप दिया गया है। यहां सजावटी घाट बनाए गए हैं, ताकि भक्त यहां से पवित्र मिट्टी ले सकें।

कलकत्ता से तैयार कराई गई है मां की पोशाक

मंदिरके पुजारी पुरुषोत्तम वशिष्ठ ने बताया कि कोलकाता में कारीगरों से मां की नौं दिनों की पोशाक सच्चे गोटे से तैयार करवाई है। नवरात्रों में मां का खास श्रृंगार होता है। मां की प्रतिमा का सुबह शाम को अलग-अलग मंदिर में श्रृंगार होता है।

बेरी. बेरीका प्रसिद्ध भीमेश्वरी मंदिर।