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मां भीमेश्वरी मंदिर का नजारा बदला कहीं चार दिन की चांदनी तो नहीं
बेरीके प्रसिद्ध मां भीमेश्वरी के दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं को यहां का माहौल बदला-बदला नजर रहा है। हर तरफ साफ-सफाई और मंदिर मार्ग से अतिक्रमण नदारत मिल रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि बेरी प्रशासन द्वारा कराई गई ये व्यवस्था बहुत अच्छी है, अब देखना यह हैै कि ये सुविधाएं चार दिन की चांदनी साबित होती हैं या बनी रहती हैं।
वही स्थानीय भक्तों का कहना था कि नगर पालिका के सफाई कर्मचारी 6 माह में नवरात्र पर ही दिखाई देते थे लेकिन पिछले तीन दिन से कई कर्मचारी मंदिर को चमकाने परलगे हुए है। भक्तों का यह कहना है कि साल में मां के दरबार मे कई लाखरुपए का चढ़ावा आता है, लेकिन प्रशासन ने इस राजस्व के बाद कभी इस तरहपहले साफ-सफाई की पहल नहीं की।गुरुवार को मां के दरबार में रंग-रोगन का काम भी शुरू हो गया।
तालालगे महिला शौचालय खुलवाने की मांग
मांके मंदिर परिसर में लाखों रुपए की लागत से दर्जनों टायलेट श्रद्धालुओं के लिए बनवाए है। इनके ताले सिर्फ नवरात्रों में ही खोले जाते हैं। नवरात्रों के अलावा दूसरे दिनों में मां के दरबार में हजारों की संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने के लिए आते है। खासकर महिला श्रद्धालुओं को टायलेट जाने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में श्रद्धालुओं ने मां के मंदिर परिसर में बंद पड़े टायलेट खुलवाने की मांग की हैैैै।
मां भीमेश्वरी मंदिर में बाहर लगने वाली प्रसाद की दुकानें अब हटा दी गई है।
सुविधाएं बनी रहें, यही अरदास
^मांभीमेश्वरी देवी उनकी कुलदेवी हैं। कई सालों से वे मां के दरबार में रहेेेे है। यहां सुविधा के नाम पर कुछ नहीं मिलता है। प्रशासन अगर अब सुविधाएं मुहैया करवा रहा है। तो बहुत प्रसन्नता है। मां के दरबार के पास तक पहले कार नही सकती थी। अब अतिक्रमण हटने के बाद गाड़ी भी सुरक्षित खड़ी है। ये सुविधाएं बनी रहें यही उम्मीद है।
सुरेंद्रकुच्छल, श्रद्धालु।
बेरी. मांभीमेश्वरी मंदिर में साफ-सफाई करता कर्मचारी।
सुरक्षा और सफाई पहले से बेहतर
^हम अक्सर धार्मिक स्थलों पर जाते है। धर्म में गहरी आस्था है। जो व्यवस्था अब बेरी में मंदिर में देखने को मिल रही है वो पहले नहीं मिली। मेले के दौरान तो प्रशासन पुलिस की लंबी-चौड़ी फौज आती है, लेकिन आम दिनों में कोई सुविधा नहीं दी जाती थी। अब सुरक्षा और सफाई दिखने से अच्छा लग रहा है। रश्मीग