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मोदी की अपील से पहले ही स्वच्छता अभियान में जुड़ा मलिकपुर

7 वर्ष पहले
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स्वच्छताको लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त जागरुकता देखी जा रही है। इसका उदाहरण बना है झज्जर जिले का गांव मलिकपुर। जहां पर मोदी की अपील से पहले ही स्वच्छता अभियान पूरा कर एक मिसाल कायम कर ली है। अब स्थिति यह है कि गांव की गलियों में गंदगी नजर नहीं आती है। अब हालत यह है कि समूचा गांव जागरूक है और घर घर डस्टबिन रख दिए गए हैं।

ऐसा संभव कर दिखाया है जनप्रतिनिधियों के कुशल नेतृत्व से। जिन्होंने गांवों को बेहतर बनाने का बीड़ा उठाया है। अब इस गांव के लोगों का कहना है कि गांव में स्वच्छता आपसी भाईचारे से संभव बनी है। सचिव अशोक कुमार का कहना है कि गांव की सफाई व्यवस्था रखने के लिए गांव के हर घर के सामने डस्टबिन की व्यवस्था की गई है। गांव के कूड़ा-करकट उठाने के लिए सरकार की तरफ से एक कर्मचारी लगाया जाता है। ग्राम सभा बुलाकर ग्रामीणों को बताया गया तो ग्रामीणों ने हर घर से पैसे इकट्ठा करके तीन कर्मचारी लगा रखे हैं। फिलहाल गांव का कूड़ा-करकट गांव के बाहर गड्ढा खोदकर डाल दिया जाता है। गांव में सॉलिड लिक्विड प्लांट लगना है और एक शेड बनना है।

सरपंच कुलदीप सिंह का कहना है कि ग्रामीणों बीडीपीओ राजपाल चहल सचिव अशोक के मार्ग दर्शन में कई महीने से काम चल रहा था। मुख्यमंत्री स्वच्छता प्रोत्साहन पुरस्कार में गांव की पंचायत को एक लाख 75 हजार, निर्मल जिला लेवल में स्थान पहले ही मिल चुका है।

पूरा गांव साथ दे रहा

बीडीपीओराजपाल चहल का कहना है कि मलिकपुर निर्मल गांव प्रस्तावित है कई खिताब हासिल कर चुका है। वहीं ग्रामीणों के सहयोग से गांव में स्वच्छता अभियान चलाया हमारा प्रयास है कि बेरी ब्लाक के सभी गांव इस तरह के गांव बने।

संकल्प हुआ पूरा

सरपंचकुलदीप का कहना है कि जिस दिन उन्हें लोगों सरपंच बनाया था उसी दिन से तमन्ना थी। कि गांव की तस्वीर बदल दी जाए। इसी के साथ मन में विचार लिया कि गांव में शहर जैसी सुविधाएं सफाई हो। सरकार की ओर से भेजा गया पैसा ईमानदारी से खर्च कराया गया। कहीं घोटाले की शिकायत नहीं है।

घोषित हो निर्मल गांव

ग्रामीणबोल कम समय में गांव में शहर जैसी लोकेशन दिख रही है। जोकि आसपास के गांवों में दिखाई नहीं दे रही है। सुविधाओं को देखते हुए गांव को जल्द ही निर्मल गांव घोषित किया जाना चाहिए ताकि ग्रामीणों का हौसला बढ़े।

प्रत्येक घर के बार दिखे डस्टबिन।