4 दिन में पकड़े सैकड़ों पशु गोशाला में चारा संकट
बेरी| सड़कखेतों मे घूमने वाले बेसहारा पशुओं को पकड़कर पिछले चार दिन से बेरी की नई गोशाला में छोड़ा जा रहा है, लेकिन अब इन बेसहारा पशुओं के लिए चारे की दिक्कत रही हैैैै। युवकों ने अपने स्तर पर सैकड़ों गाय एवं बछड़ों को चारा खिलाने का काम कर रहे है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही है।
मंगलवार को गोसेवकों ने अपनी समस्या कादयान खाप के प्रधान केदार सिंह एवं गोशाला प्रधान धारा सिंह के सामने रखी। कादयान खाप के प्रधान केदार सिंह का कहना था कि बेसहारा पशुओं को पकड़वाने के लिए बेरी क्षेत्र का प्रतिनिधि मंडल झज्जर उपायुक्त से मिलें थे। किसानों ने अपनी समस्या रखी थी कि बेसहारा पशु उनकी खेतों मे फसल बर्बाद कर रहे है। अगर पशुओं को खेतों से खदेड़ते है। तो सांड उल्टा किसानों पर हमला बोल देते है। अब किसान अपने खेतों मे जाने से डर रहे है। डीसी झज्जर ने किसानों को आश्वासन दिया था कि दो माह तक बेसहारा पशुओं के चारे का इंतजाम प्रशासन की तरफ से कर दिया जाएगा ताकि किसानों की गेंहूं की फसल को बचाया जा सके प्रधान केदार सिंह ने बताया कि लेकिन 4 दिन बीत जाने के बाद जिला प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं आई है।
बाघपुर गांव के ग्रामीणों ने चारा अपने स्तर पर इकट्ठा करके दिया हैैैै। सेवा करने वाले सुमेर सिंह बेरी, पीतांबर शर्मा, धर्म सिंह,सतपाल प्रधान, नवीन, सुशील, सुरेन्द्र, महाबीर, सुरेश, राजीव, संदीप, रोहित, जयपाल, हरबीर, संदीप, महाबीर, उमराव, तेजबीर,मनिन्द्र कुमार, सोमबीर, प्रकाश, जयक्वार ओमबीर,युद्धवीर, ढिल्लू, ने बताया कि सुबह 6 बजे से 8 बजे शाम 5 बजे चारा डालने का काम किया जाता है। दूसरे साथी सहयोग करे और जिला प्रशासन चारे का इंतजाम करवा देवे तो बैलों को रोकना आसान हो जाएगा।
दो माह तक बेसहारा पशुओं के चारे का इंतजाम करने का डीसी ने दिया था आश्वासन
बेरी में चारे की समस्या को लेकर विचार-विमर्श करते गोभक्त।