बेरी के प्राचीन जोहड़ को मिला नया रूप
मांभीमेश्वरी मंदिर के प्राचीन जोहड़ के चारों तरफ पहले कीचड़ होता था। मां के भक्तों की मान्यता है कि जो भक्त मां के दरबार में दर्शन के लिए आते हैं वो अपने परिवार की सुख समृद्धि के लिए प्राचीन जोहड़ से 7 बार मिट्टी निकालनी होती है। प्राचीन जोहड़ में चारों तरफ कीचड़ होने के कारण फिसलन हो जाती थी।
कई बार हादसे होने के भय बना रहता था। प्रशासन ने भक्तों की सुविधा का ध्यान रखते हुए। प्राचीन जोहड़ में चारदीवारी करवाकर उसे डिजाइनर पत्थर लगवाकर सजा दिया है।
अब मां के भक्तों को रात के समय में भी प्राचीन जोहड़ में से मिट्टी निकालने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी। इसके लिए नगर पालिका द्वारा दूधिया लाइटें लगा दी गईं हैं। प्राचीन सरोवर को जगमग करने के लिए लगभग साढ़े चार लाख की लागत से लाइटें लगाई हैं।
आधुनिकशौचालय का भी मिलेगा लाभ
इसबार की नवरात्रों में के दरबार में आने वाले भक्तों के लिए प्रशासन द्वारा 32 डीलक्स टॉयलेट का निर्माण करवाया गया है। नवरात्रों के दिनों में बाहर से आने वाले भक्तों को सुविधाजनक टॉयलेट होने के कारण काफी दिक्कत होती थी। अब प्रशासन ने लगभग 8 लाख की लागत से 32 महिला पुरुष टॉयलेट तैयार करवा दिए हैं।
दर्शनमें नहीं होगी परेशानी
मांभीमेश्वरी देवी के दर्शन गर्भगृह तैयार होने के बाद अब इस बार के नवरात्रों में आसानी से हो सकेंगे। मां के दरबार में नवरात्रों में पूरे देश विदेश से भक्त दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। कई-कई घंटे इंतजार करने के बाद भी दर्शन ठीक ढंग से नहीं हो पाते थे। ट्रस्ट के सदस्य बृजमोहन वशिष्ट ने बताया कि मां के पुराने स्थान को विराट रूप दे दिया गया है।
झज्जर. बेरीके भीमेश्वरी देवी मंिदर के प्रसिद्ध प्राचीन जोहड़ की चारदीवारी की गई।