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वार्डबंदी के खिलाफ ग्रामीणों ने पनपा रोष
गांव जांडलीकलां में की गई वार्डबंदी से गांव के ज्यादातर लोग नाखुश हैं। वे चाहते हैं कि वार्डबंदी नए सिरे से की जाए। जो वार्डबंदी की गई है वह महज अौपचारिकता पूरी करने के लिए की गई है और गलत तरीके से की गई है।
ग्रामीणाें ने मुख्यमंत्री के अलावा जिले के डीसी एसडीएम के पास वार्डबंदी में बरती गई अनियमिमताओं का जिक्र करते हुए पत्र भी भेजा है। पत्र के जरिए गांव की वार्डबंदी को फिर से नए सिरे से कराए जाने की मांग की गई है। मुख्यमंत्री को भेज गए शिकायत पत्र में ग्रामीण सुरेश कुमार, बलजीत सिंह, जगदीश चंद्र, बलबीर सिंह, शमशेर सिंह, सुरेंद्र कुमार, रमेश जांडली, अनिल कुमार, बलविंद्र सिंह गोधा राम सहित अन्य लोगों ने कहा है कि बीते दिनों गांव में वार्डबंदी का कार्य ग्राम सचिव को सौंपा गया था। लेकिन सचिव ने गलत अव्यवहारिक वार्डबंदी की है। आरोप है कि ग्राम सचिव ने गांव की भौगोलिक स्थितियों का आंकलन किए बगैर ही वार्डबंदी का रिकाॅर्ड तैयार कर दिया है। वार्डबंदी के दौरान 4 फरवरी को नियमानुसार मुनियादी और वार्डबंदी की सूची को चस्पा करना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इससे वार्डबंदी की खामिया जस की तस रह गई। आपत्तियां भी दर्ज नहीं हो सकी हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि करीब दो दशक पहले बने वार्डों को दुरुस्त कर नई वार्डबंदी का कार्य फिर से करवाया जाए ताकि पंचायत के चुनावों में वोट के अधिकार का सही प्रयोग किया जा सके।इस संबंध में वार्डबंदी सर्कल अधिकारी और नायब तहसीलदार पूनम सोलंकी ने बताया कि जांडलीकलां के लोगों की ओर से मुख्यमंत्री के पास भेजे गए शिकायत पत्र की कोई प्रतिलिपि नहीं आई है। जब शिकायत आएगी तो उसके बारे में डीसी से विचार विमर्श कर मामले की जांच की जाएगी।