- Hindi News
- डरकर गेहूं से भरी ट्राली बीच सड़क छोड़ कर भागा चालक
डरकर गेहूं से भरी ट्राली बीच सड़क छोड़ कर भागा चालक
कोई गोलमाल नहीं: फूड इंस्पेक्टर
खाद्यएवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक राजेंद्र शर्मा ने इस संबंध में बताया कि गुप्तचर विभाग के एक कर्मचारी ने मोबाइल फोन पर आशीष गर्ग डिपू संचालक द्वारा गेहूं बेचने की सूचना दी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विभिन्न जांच प्रक्रिया को अंजाम दिया था। लेकिन जैसे ही उन्होंने मौके पर पहुंचकर रिकार्ड की जांच की तो बीपीएल एवं एपीएल का 27 क्विंटल गेहूं विभाग द्वारा दिया गया था उसमें कोई गोलमाल नहीं हुआ है।
सही मिला गेहूं: एसएचओ
थानाप्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्राली में पकड़ी गई गेहूं एक व्यापारी की थी। जो बैजलपुर के किसान हनुमान सिंह आत्मा राम से खरीदकर भूना ला रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की थी। परंतु व्यापारी बैजलपुर के किसानों ने पुलिस को पूरी मामला स्पष्ट करवाया है और उनका गेहूं ट्रैक्टर-ट्राली को बिना कोई कार्रवाई के छोड़ दिया है।
भूना। गेंहू बेचने के आरोप में पकड़ी गई ट्रैक्टर-ट्राली में जांच करते पुलिस कर्मी।
भास्कर न्यूज | भूना
हिसाररोड़ पर गणेश कालोनी के पास एक व्यापारी की गेहूं से भरी ट्रैक्टर-ट्राली को डिपू होल्डर के पास भेजे जाने वाली सप्लाई समझ कर पुलिस और खाद्य आपूर्ति विभाग की खूब दौड़-धूप हुई।
पुलिस थाने में व्यापारी विनोद कुमार ने बताया कि 27 कट्टे गांव बैजलपुर से किसान हनुमान सिंह आत्मा राम से 14सौ रुपये प्रति क्विंटल खरीदकर लाया था। परंतु हिसार रोड़ पर जैसे ही ट्रैक्टर-ट्राली का चालक आशीष गर्ग के राशन डिपू के पास से गुजरा तो गुप्तचर विभाग के एक कर्मी ने उसे रोकने का इशारा किया तो ट्रैक्टर चालक घबरा गया और ट्रैक्टर को छोड़कर मौके से भाग गया। गुप्तचर कर्मी ने उपरोक्त गेहूं राशन डिपू की समझकर पुलिस को तुरंत मौके पर बुलाया और डिपू की घेराबंदी कर दी। पुलिस कर्मियों ने डिपू का ताला तोड़कर विभिन्न पहलूओं की जांच भी की। डिपू संचालक आशीष गर्ग ने गुप्तचर विभाग पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। डिपू संचालक ने कहा कि वह मौजूद नहीं था। पर डिपू का ताला तोड़कर पुलिस गुप्तचर विभाग की कार्रवाई निंदनीय है।