इंजीनियर्स समझें आज की जरूरत : डॉ. सहगल
बिलासपुर|श्रीसिद्धि विनायकग्रुप शाहपुर में सोमवार को इंजीनियर दिवस मनाया गया। शुभारंभ चेयरमेन डॉक्टर एमके सहगल ने कहा कि इंजीनियरिंग के बल पर ही भारत जल्द ही विश्व की सबसे बड़ी ताकत होगा। इसके लिए भावी इंजीनियर्स को नई तकनीक को अपनाना होगा। उन्होंने युवाओं को कड़ी मेहनत जूझ से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग का क्षेेत्र विस्तृत क्षेत्र है। सिविल इंजीनियरिंग के स्टूडेंट राहुल ने बताया कि यह दिन महान इंजीनियर डॉक्टर मोक्षगंधम विश्वेश्वरैया के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। डॉक्टर विश्व वनेश्वर का जन्म 15 सितंबर 1860 को हुआ था। उनके जीवन का उद्देश्य हर पल को उपयोगी बनाना था। इससे युवाओं को समय का महत्व समझना चाहिए। डायरेक्टर प्रोफेसर अजय सिडाना ने भावी इंजीनियर्स को नए-नए प्रोजेक्ट्स पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। संस्था के चेयरमैन डाक्टर एमके सहगल प्रोफेसर महेश साहनी ने उद्यमी के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। इंजीनियर समाज को विज्ञान से जोडने का काम करता है। आज के समाज मे भारत की दूरदर्शिता, अंतरिक्ष, सुरक्षा विकास, ग्रामीण विकास, नवीनीकरण, ऊर्जा, कृषि, खाद्य उत्पादन, सूचना एवं संचार में है। चेयरपर्सन डाक्टर रजनी सहगल ने कहा कि बिना इंजीनियरिंग का मानव का जीवन इतना सुलभ होता। अनुराधा पंजेटा ने मंच संचालन किया। मौके पर विक्रांत गुलाटी, मुनीष, लवकेश, सुमित और हरप्रीत कौर सदस्य उपस्थित रहे।