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विकास के लिए तरस रहा शहीदों का गांव मंधार

5 वर्ष पहले
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गांवमंधारके युवा तिरंगे की शान के लिए देश की सीमा पर प्राणों को न्यौछावर करने के लिए हर वक्त तैयार रहते हैं। मगर उनके परिजनों को स्थानीय प्रशासन सुविधाएं मुहिया नहीं करवा पा रहा है। गांव बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। गांव में पानी की निकासी तक का इंतजाम नहीं है। हर समय नालियों में पानी जमा रहता है। जिससे यहां के लोगों का जीवन नरक बन चुका है। गांव में बीपीएल परिवारों के लिए भी कोई सुविधा नहीं है। गांव में 190 के करीब पेंशनर्स आर्मी से हैं। लेकिन गांव में सरकारी सेवा के नाम पर केवल एक स्कूल डाकघर है। ऐसा नहीं है कि प्रशासन या जनप्रतिनिधियों को शिकायत नहीं की गई, लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नहीं है।

देशसेवा का यह तोहफा मिल रहा :

गांवके जगमाल ने बताया कि यहां से काफी युवा सेना में भर्ती हो चुके हैं, तो कुछ तैयारी कर रहे हैं। गांव के युवाओं ने कुर्बानी भी दी। लेकिन शहीदों के इस गांव में सुविधा कुछ नहीं। यहां पर सबसे बड़ी दिक्कत पानी की निकासी की है। गांव में कही भी पानी की निकासी का प्रबंध नहीं है। तालाब हैं ओवरफ्लो हो चुके हैं। शिकायत भी प्रशासन से की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती।

गांव में टीम भेजेंगे

^इसतरह की कोई शिकायत उन्हें अभी तक नहीं मिली है। यदि शहीदों का गांव है, तो वहां पर बीडीपीओ को भेजकर जांच कराई जाएगी। जो भी ग्रामीणों की दिक्कतें हैं, उनका समाधान किया जाएगा। नवीनआहुजा, एसडीएम बिलासपुर।

बैंक स्टेडियम सबसे जरूरी

पंचराजू ने बताया कि गांव में काफी पेंशनर्स है। उन्हें पेंशन के लिए करीब सात किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इसलिए गांव में बैंक होना जरूरी है। इसके अलावा युवाओं को तैयारी करने के लिए स्टेडियम भी जरूरी है। ग्राम पंचायत की जमीन भी खाली पड़ी है। जिस पर स्टेडियम बनाया जा सकता है। इससे युवाओं को बड़ा फायदा होगा।

गलियों में फैल जाता है पानी

गांवमंधार में पानी निकासी की स्थिति बेहद खराब है। निकासी होने से गालियों का पानी घरों में घुस रहा। सीवरेज के जरिये गांव का पानी बाहर निकालने की मांग कर रहे हैं। लेकिन प्रशासनिक अफसर ध्यान नहीं दे रहे। गांव में तालाब भी हैं, लेकिन वह ओवरफ्लो हो चुके हैं। बरसात के दिनों में दिक्कत ओर बढ़ जाती है। जिससे कई बार फसलें भी खराब हो चुकी है।

विकास कार्यों को बजट नहीं मिला

ग्रामपंचायत ने इस बार रणधीर सिंह को सरपंच चुना। रणबीर सिंह का कहना है कि वह गांव में विकास कार्य कराना चाहते हैं, लेकिन अभी तक कोई ग्रांट सरकार की ओर से नहीं मिली। विधायक से भी इस बारे में गुहार लगाई थी, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। उन्होंने बताया कि वह सीएम से भी मिले थे और गांव के फौजियों शहीद सैनिकों के बारे में बताया था। उनका भी एक भाई फौज में है। उस समय आश्वासन मिला था। लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं हुई। उन्होंने बताया कि प्रशासन से भी गुहार लगाई कि गांव के मुख्य मार्ग पर ही गंदे पानी का भराव है।

यमुनानगर |शहीदों के गांव मंधार में दूषित पानी की निकासी की व्यवस्था होने से सड़कों पर इस तरह भरा रहता है गंदा पानी।

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