क्रोध से विवेक रूपी ज्ञान शक्ति का नाश होता है : शांतानंद
मौनीअमावस्याके अवसर पर श्रीकालेश्वर महादेव मठ में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने रूद्र यज्ञ में आहुति डाल कर पुण्य प्राप्त किया। गत 16 जनवरी से आरंभ हुआ 51 दिवसीय रूद्र यज्ञ आगामी 6 मार्च को सम्पन्न होगा। मठ समिति की ओर से शिवरात्रि के अवसर पर जरूरतमंद परिवारों की 5 कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह का भी आयोजन किया जा रहा है। श्रीकालेश्वर महादेव मठ कलेसर के महंत स्वामी शांता नंद ने बताया कि यमुना नदी किनारे सोमती अमावस्या के अवसर पर छछरौली निवासी डॉ. बृजेश शर्मा सुनीता शर्मा रूद्र यज्ञ में मुख्य यज्ञमान के रूप में शामिल हुए। मंगलवार को कलेसर पंचायत के पूर्व सरपंच रविंद्र कुमार सरपंच संगीता यज्ञ के मुख्य यज्ञमान रहे। स्वामी शांता नंद ने कहा कि शुभकर्मों के लिए कभी टाल-मटोल नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आलस, निंद्रा, प्रमाद आदि त्यागकर सबसे पहले प्रभु का सिमरण जनसेवा कार्यों को करें। जो मनुष्य इच्छा, भय, और क्रोध से रहित है वह सदा मुक्त ही है। जो मनुष्य सदैव कामनाओं के अधीन रहता है, उसमें सदैव भय व्याप्त रहता है। उन्होंने कहा कि कामनाओं में विघ्न पड़ने से क्रोध उत्पन्न होता है। क्रोध से विवेक रूपी ज्ञान शक्ति का नाश होता है। इसलिए मनुष्य को यज्ञ, तप दान से अपने जीवन को संवारना चाहिए। इस अवसर पर सुरेंद्र गैरोला, राम कुमार शर्मा, नीलम शर्मा, विनोद कुमार, प्रवीन कुमार, सतीश कुमार जोगिंद्र सिंह कलेसर मौजूद रहे।
खिजराबाद | हवनयज्ञकरते हुए लोग।