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सत्ता में आते ही भाजपा ने किसानों से किया धोखा : चढूनी

5 वर्ष पहले
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भारतीयकिसानयूनियन के प्रदेगुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कर किसानों के साथ धोखा किया है। सत्ता में आने से पहले भाजपा नेता खुद सड़कों पर ये रिपोर्ट लागू कराने के लिए किसानों के साथ प्रदर्शन करते थे। लेकिन सत्ता में आते ही वे अपने वादे भूल गए। चढूनी शहीद उधम सिंह धर्मशाला में आयोजित किसानों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कैथल में प्रस्तावित आंदोलन को लेकर किसानों में भारी जोश है। करो या मरो आंदोलन जब तक चलेगा जब तक सरकार स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि 2004 में तत्कालीन केन्द्र सरकार ने किसानों को फसलों के भाव देने के लिए स्वामी नांथन आयोग का गठन किया था।

आयोग ने 2007 में रिपोर्ट सरकार को दी थी। रिपोर्ट में ये माना कि किसानों को फसलों उचित दाम नहीं मिल पा रहे। किसानों को फसल की लागत पर 50 प्रतिशत मुनाफा मिलना चाहिए। तभी किसान खुशहाल हो सकता है। इस अवसर संजू गुंदयाना, सुमित राणा उन्हेडी, हरपाल सिंह सुढल, मोहित राणा उन्हेड़ी, रवीन खजूरी, कृष्णपाल, कश्मीरी लाल अमली, संदीप महेश्वरी, गुरमुख छछरौली, संजीव सरावां, सतपाल मानकपुर, संजू सांगवान धौलरा, मोनू, कर्मबीर बरहेड़ी भी मौजूद थे।

किसानों की असली समस्याओं का समाधान नहीं किया हुआ

साढौरा|किसानोंकोप्रत्येक शासक दल ने गुमराह करके सत्ता प्राप्त की। लेकिन आज तक किसी भी दल ने किसानों की असली समस्याओं का समाधान नहीं किया। जिससे परेशान होकर किसानों ने अब भाकियू के तत्वाधान में 26 फरवरी को कैथल में करो या मरो संघर्ष करने की ठान ली है। भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढुनी ने गांव सफीलपुर पांडों में आयोजित किसानों की बैठकों में यह बात कही। उन्होंने कहा कि शासक दलों की किसान विरोधी नीतियों के कारण खेत में दिनरात मेहनत करके अनाज पैदा करने वाले किसानों को उनकी उपज के सही दाम नहीं मिल पा रहे हैं। यही नहीं किसानों को अपनी उपज के सही दामों उसका भुगतान पाने के लिए सड़कों पर संघर्ष तक करना पड़ रहा है। शासक दल कर्मचारियों के संघर्ष करने पर उनकी मांगों को मान लेता है। लेकिन 90 करोड़ किसानों के हितों की रक्षा करने वाली स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट को अभी तक लागू नहीं किया गया है। इसका एक कारण किसानों का एकजुट नहीं होना भी है। इसलिए किसानों को कैथल में अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए करो या मरो संघर्ष का ऐलान करना ही होगा।

साढौरा| किसानोको संबोधित करते गुरनाम सिंह चढूनी।

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