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समस्या हल नहीं हुई तो बेटियों के साथ हड़ताल पर बैठेंगे कर्मचारी
बेटीबचाओबेटी पढ़ाओ के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने देश भर में अभियान छेड़ा हुआ है। अफसोस जो महिला अपनी बेटियों के लिए कमा कर उन्हें शिक्षित करना चाहती है उसकी आवाज की ओर ध्यान भी नहीं दिया जा रहा। विजय काॅलोनी की डेज़ी जिसके पास दो बेटियां हैं। वह ईएसआई अस्पताल जगाधरी में बतौर कॉन्ट्रेक्ट क्लर्क लगी थी, उसे हटा दिया गया। वह और उसके 26 साथी कॉन्ट्रेक्ट रिन्यू कराने के लिए विधानसभा स्पीकर कंवरपाल गुर्जर हेल्थ मिनिस्टर अनिल विज से मिल चुके हैं। मगर उनकी मांग को की और ध्यान ही नहीं दिया गया। इनमें से 20 लोगों के पास बेटी है।
कांसापुर की रीता जिसके पति नहीं है। बच्चे और सास-ससुर उस पर निर्भर हैं। वह भी नौकरी जाने से परेशान है। छछरौली के गगनदीप सिंह के पिता सितंबर 2014 में पूरे हो गए, घर में कमाने वाला उनके अलावा कोई नहीं है। कॉन्ट्रेक्ट रिन्यू नहीं होने से उनकी टीस बढ़ती जा रही है। ईएसआई अस्पताल जगाधरी में 2008 से 27 कर्मचारी है। जो कॉन्ट्रेक्ट पर लगे थे छह महीने के बाद कॉन्ट्रेक्ट रिन्यू हो जाता था। मगर सितंबर 2014 के बाद कॉन्ट्रेक्ट रिन्यू नहीं हुआ, जिसके बाद से कर्मचारी लगातार अस्पताल प्रबंधन से मिले। बात बनी तो दो दफा विस स्पीकर कंवरपाल गुर्जर से मिले और एक बार हेल्थ मिनिस्टर अनिल विज से मिले। आश्वासन तो मिला पर कॉन्ट्रेक्ट रिन्यू नहीं हुआ। मंगलवार को भी ये सब अस्पताल प्रबंधन से मिले।
एकसप्ताह इंतजार, फिर डीसी से मांगेंगे हड़ताल की अनुमति : सहिदअली, जोगिंदर, विशाल, सहजकांत, पंकज शर्मा, संजीव कुमार, गुरमीत, अंकुश ने बताया की वे आर्थिक और मानसिक तौर पर परेशान हो गए है। अब एक सप्ताह इंतजार करेंगे। आने वाले मंगलवार को डीसी डॉ. एसएस फूलिया से मिलेंगे। उम्मीद है हमारी समस्या का निदान हो जाएगा नहीं तो बेटियों के साथ लघु सचिवालय के सामने बैठ जाएंगे।
फाइल अप्रूवल के लिए सरकार के पास गई है
चंडीगढ़स्थित ईएसआई के डाॅयरेक्टर अनिल मलिक का कहना है ये मामला मेरी जानकारी में है। फाइल अप्रूवल के लिए सरकार के पास गई है हमें भी जल्दी है की अप्रूवल मिल जाए, हम लगातार पत्राचार कर रहे हैं। कर्मचारी निराश हो, हम प्रयासरत है।
यमुनानगर. येकर्मचारी कांट्रेक्ट रिन्यू करवाने के लिए भटक रहे हैं।