फिर लगा दी अध्यापकों की बीएलओ ड्यूटी
राजकीयप्राथमिकशिक्षक संघ की बैठक प्रधान महेंद्र सिंह कलेर की अध्यक्षता में हुई। जिसमें अध्यापकों की समस्याओं पर चर्चा की गई।
प्रधान कलेर ने कहा कि हरियाणा सरकार के गठन से लगा था कि उनकी समस्याओं का निपटारा तुरंत होगा। मगर अभी तक इस सरकार ने कुछ भी ऐसा नहीं किया, जिससे लगे कि यह सरकार कर्मचारी हितैषी सरकार है। सरकार ने फिर से अध्यापकों की बीएलओ की ड्यूटी वोट बनाने में लगाई हुई है, जोकि सरासर आरटीई का उल्लघंन है। चुनाव के समय बीएलओ की ड्यूटी काटने के वायदे किए गए थे, मगर हुआ कुछ नहीं। अभी तक अध्यापकों से गैर शैक्षणिक कार्य करवाए जा रहे हैं, जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। कलेर ने कहा कि पिछली सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रदेश भर शिक्षा तत्परता कार्यक्रम शुरू किए थे। जिसके तहत प्रथम आने वाले स्कूलों गोल्ड मेडल तथा दूसरे पर आने वाले स्कूलों को सिल्वर मेडल देने की घोषणा की गई थी। स्कूलों ने अच्छा प्रदर्शन किया तथा गोल्ड सिल्वर मेडल जीते। विडंबना है कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को आज तक गोल्ड सिल्वर मेडल नहीं दिए गए। यह शर्म की बात है। सरकार कर्मचारियों से वायदाखिलाफी कर रही है। अब नई सरकार के गठन से उम्मीद जगी थी कि उनकी मांगों को स्वीकार किया जाएगा। अभी तक कुछ भी पॉजीटिव देखने को नहीं मिला। जिससे लगे कि सरकार कर्मचारी हितैषी है। मौके पर राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की कार्यकारिणी उपस्थित रही।