चरखी दादरी। अनाजमंडी में स्थित सरकारी खाद की दुकान में कई दिन से किसानों को खाद नहीं मिल रही है। खाद के चक्कर में किसानों में काफी मारामारी मची हुई हैं। लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते किसानों को खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ता है। विभागीय अधिकारी खाद की समस्या को लेकर बिलकुल भी गंभीर नहीं हैं। अगर विभाग द्वारा खाद नहीं मंगवाई गई तो खाद के अभाव में फसल भी काफी हद तक प्रभावित हो सकती है।
विभाग की लापरवाही पुरानी अनाज मंडी में खाद लेने के लिए आने वाले किसानों पर भारी पड़ रही है। प्रतिदिन 3 हजार यूरिया खाद के कट्टों की डिमांड भेजी जाती है लेकिन मिलते हैं सिर्फ 8 सौ कट्टे और कई बार तो खाद आती ही नहीं। डिमांड के अनुसार विभाग द्वारा खाद नहीं भेजी जाने के कारण सैकड़ों किसान खाद से वंचित रह जाते हैं।
वहीं शनिवार को तो मंडी में खाद ही नहीं पहुंचा। ऐसे में खाद लेने के लिए आए किसानों ने विभाग के प्रति गहरा रोष जताया। विभाग की लापरवाही के कारण दूर दूर से आए किसानों को शारीरिक आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
खाद से वंचित किसान काट रहे चक्कर : रामकुमा रसनसपुर, कृष्ण मकड़ानी, महेश नीमली, कपिल पातुवास, जयप्रकाश मंदौली नथु सांजरवास ने बताया कि लगातार 6-7 दिन से चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें अभी तक खाद नहीं मिली है। ऐसे में उन्हें काफी आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। जब अधिकारियों से खाद की कहते हैं तो पीछे से ही खाद नहीं आया है यह बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
िडमांड पूरी होने से परेशानी
^उच्च अधिकारियों से प्रतिदिन खाद के 3 हजार कट्टों की डिमांड भेजी जाती है लेकिन पीछे से डिमांड अनुसार यूरिया नहीं आता इस कारण खाद की भारी कमी बनी हुई है।'' जोगेंद्र सिंह, मैनेजर,सरकारी खाद बीज दुकान
डिमांड के अनुसार विभाग की ओर से खाद नहीं भेजे जाने के कारण सैकड़ों किसान खाद से वंचित ।
किसानों को प्रयाप्त मात्रा में खाद मिलने से पुरानी अनाज मंडी स्थित सरकारी खाद की दुकान के सामने रोष जताते ग्रामीण।