गायों को तली चीजें खिलाएं : डॉ महासिंह
श्राद्धोंमें लाेग अपने पित्रों को मनाने उनकी आत्मा की शांति के लिए गायों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। हर राेज लोग गायों को भारी मात्रा में हलवा पूरी अन्य तली हुई चीजे खिला रहे हैं, जिनसे गाय इंफेक्शन रोग की चपेट में रही, जबकि चिकित्सक महंत लोगों को ऐसा खाना खिलाने के लिए जागरूक कर रहे। लोगों की इस लापरवाही से अब तक दर्जनों पशुओं की मौत हो चुकी है। लेकिन लोग अपने धर्म कार्यों को पूरा करने के लिए ऐसा करने से बाज नहीं रहे।
श्रद्धा के नाम पर शहरवासी गायों को बीमारियों की चपेट में लाने का काम कर रहे। शहर में भारी तादाद में आवारा गाए घूम रही और श्राद्धों के चलते लाेग अपने धार्मिक कार्यो को पूरा करने के लिए गायों को भाेजन के नाम पर जहर खिला रहे है जो कि गायों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। जबकि मंदिर महंतों पशु चिकित्सकों द्वारा लोगों को बार बार ऐसा करने की हिदायत दी जा चुकी है। कुछ समय पहले भी लोगों द्वारा प्रसाद के तौर पर गायों को दिए गए भोजन से दर्जनों गायों की इंफेक्शन बीमारी से मौत हो गई थी।
हजमनहीं होता भोजन
पशुचिकित्सक डॉ महासिंह ने बताया कि तली हुई चीजों को गाय पचा नहीं पाती और ऐसा भोजन उनके लिए जहर का काम करता है। भोजन हजम होने से उनके पेट में तेजाब बन जाता है और कुछ समय बाद ही उन्हें इंफेक्शन नामक रोग हो जाता है, जिससे उनकी मौत हो जाती है। उन्होंने बताया कि छोटी गायों को 20 से 30 ग्राम विकसित गायों को 50 से सौ ग्राम मात्रा में मीठा सोडा देना चाहिए या फिर उन्हें परचूर मात्रा में पानी पिलाना चाहिए।
गायों को खिलाएं रोटी
बाला वाला जोहड़ के महंत बाबा सच्चानाथ ने बताया कि श्राद्धों में गायों प्रसाद स्वरूप पूरी, हलवा तली हुई चीजें देना गलत है। गायों को तली हुई चीजों की जगह पकी हुई रोटी दे देनी चाहिए। इससे लोगों का धार्मिक कार्य भी पूरा हो जाएगा और साथ ही गायों का स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने बताया कि आवारा गायों को पानी ज्यादा से ज्यादा मात्रा में देना चाहिए।
रोग से बचने के तरीके
>गाय को तला हुए भोजन नहीं देना चाहिए। अगर मजबूरीवश देना भी पड़ता है तो थोड़े थोड़े अंतराल में देना चाहिए।
> गाय को अफारा आने पर पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना चाहिए।
> गाय को उनकी उम्र के हिसाब से मीठा सोडा पानी या फिर गुड में मिलाकर देना चाहिए।
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