नहीं आई यूरिया की सप्लाई, किसान परेशान
हलकागुहलामें एक बार फिर यूरिया खाद की कमी के चलते किसानों को परेशानी रही है। किसान खाद लेने के लिए दर-दर की ठोकरें खाते फिर रहे हैं।
चीका मंडी में स्थित खाद विक्रेताओं की दुकानों पर यूरिया खाद लेने आए किसानों सोनू लालपुर, रतना राम डंडौता, पलविंद्र सिंह रताखेड़ा, ईश्वर चंद हरिगढ़, प्रीतम सिंह बिच्छियां, गुरबचन सिंह मंझेड़ी, बबल दिवाना, बलराज सिंह अकाल गढ़, सिंद्र सिंह भागल, गुरनाम सिंह खरौदी, सतपाल सिंह थेह नेवल और अजैब सिंह हरिगढ़ ने बताया कि यूरिया खाद की कमी के कारण किसानों को अपनी गेहूं की फसल पकाने की चिंता सताने लगी है। उन्होंने कहा कि जहां इन दिनों गेहूं में पानी देने के बाद यूरिया खाद की भारी जरूरत है वहीं किसान यूरिया खाद लेने के लिए दर-दर भटक रहे हैं और उन्हें कहीं से भी पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो रहा। किसानों ने बताया कि यूरिया खाद प्राप्त करने के लिए वे सुबह होते ही अपने-अपने घरों से उठकर शहरों में निकल पड़ते हैं और शाम को खाली हाथ वापिस अपने घर लौट जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी एजेंसियों में जो यूरिया खाद आया हुआ है वह काफी मोटा है और बढ़ियां नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन भी उन्हें खाद उपलब्ध कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
गुहला चीका |खाद विक्रेता की दुकान पर खाद आने का इंतजार करते किसान।
खाद का शीघ्र लगेगा रैक : राम निवास
खादकी कमी के बारे में जब उपमंडल कृषि अधिकारी डाॅ. रामनिवास से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि गत शनिवार को चीका स्थित दो खाद विक्रेताओं के पास पांच हजार थैले यूरिया खाद के आए थे, जिन्हें कृषि विभाग द्वारा अपनी उपस्थिति में किसानों को 5-5 थैले खाद के उपलब्ध कराए थे। उन्होंने कहा कि हालांकि किसानों को दिए गए 5-5 थैलों से किसानों की खाद की पूर्ति नहीं हो पाई है। आम बाजार में खाद की कमी भी किसानों द्वारा ही की गई है, क्योंकि आज जिस किसान को 10 थैलों की जरूरत है वह आज ही आने पूरे सीजन का खाद यानी की 50 से 100 थैले लेकर घर रखना चाहता है जिस कारण बाजार में थोड़ी बहुत खाद की किल्लत अवश्य है।